उत्तरकाशी में विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर जागरूकता शिविर, युवाओं को ई-सिगरेट से दूर रहने की सलाह

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने ग्रामीणों को तंबाकू कानून और सड़क सुरक्षा की दी जानकारी

उत्तरकाशी : विश्व तंबाकू निषेध दिवस की पूर्व संध्या पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उत्तरकाशी द्वारा ग्राम पंचायत सिरोर में आयोजित विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर में तंबाकू और निकोटीन की लत को समाज के लिए गंभीर खतरा बताते हुए लोगों से इसके सेवन से दूर रहने का आह्वान किया गया। शिविर में तंबाकू से होने वाली घातक बीमारियों, युवाओं में बढ़ती ई-सिगरेट की प्रवृत्ति तथा सड़क सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई।

उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल तथा जिला जज/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उत्तरकाशी के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यक्रम में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उत्तरकाशी सचिन कुमार ने कहा कि प्रत्येक वर्ष 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य तंबाकू सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करना है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 की थीम आकर्षण का पर्दाफाश, निकोटीन और तंबाकू की लत का मुकाबला करना रखी गई है, जो विशेष रूप से युवाओं को तंबाकू उद्योग के भ्रामक प्रचार और निकोटीन की लत से बचाने पर केंद्रित है।

सचिन कुमार ने कहा कि धूम्रपान केवल एक आदत नहीं बल्कि एक धीमा जहर है, जो व्यक्ति के शरीर को अंदर से खोखला कर देता है। तंबाकू का धुआं फेफड़ों को गंभीर रूप से क्षति पहुंचाता है और फेफड़ों के कैंसर सहित कई जानलेवा बीमारियों का कारण बनता है। उन्होंने बताया कि धूम्रपान एवं तंबाकू सेवन से मुंह, गला, श्वासनली और फेफड़ों के कैंसर का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। उन्होंने युवाओं में तेजी से बढ़ रहे ई-सिगरेट और अन्य निकोटीन उत्पादों के सेवन पर भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह नई पीढ़ी के स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है।

शिविर के दौरान सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम-2003 के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी देते हुए लोगों को तंबाकू नियंत्रण संबंधी कानूनों के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही युवाओं को नशे और तंबाकू की लत से दूर रहकर स्वस्थ जीवन शैली अपनाने का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा और सार्वजनिक हित से जुड़े महत्वपूर्ण न्यायिक मामलों पर भी चर्चा की गई। विशेष रूप से सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन स्वतः संज्ञान जनहित याचिका (सिविल) संख्या-09 वर्ष 2025, ‘फालोदी दुर्घटना बनाम भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एवं अन्य’ के संदर्भ में अनाधिकृत पार्किंग, सड़क किनारे अतिक्रमण, निरीक्षण एवं सर्वेक्षण की प्रक्रिया, सार्वजनिक शिकायतों के निस्तारण और सड़क सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से जानकारी दी गई। लोगों को बताया गया कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने में आम जनता की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

शिविर में उप मुख्य लीगल एड डिफेन्स काउंसिल वैभव नेगी, जिला बार संघ अध्यक्ष महावीर भट्ट, ग्राम प्रधान, पराविधिक स्वयंसेवकों तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। वक्ताओं ने कहा कि कानूनी जागरूकता और स्वास्थ्य संबंधी शिक्षा के माध्यम से ही समाज को नशामुक्त एवं सुरक्षित बनाया जा सकता है। ग्रामीणों ने भी कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी करते हुए विभिन्न कानूनी और सामाजिक विषयों पर जानकारी प्राप्त की।

विश्व तंबाकू निषेध दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित इस जागरूकता अभियान ने ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य, कानून और सड़क सुरक्षा के प्रति जनचेतना बढ़ाने का महत्वपूर्ण कार्य किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से आम जनता को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने का संकल्प दोहराया।

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