उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने मनाई रजत जयंती, ‘UKPSC-MITRA’ ऐप और विशेष स्मारिका का विमोचन

Uttarakhand Public Service Commission ने 25 वर्षों की उपलब्धियां साझा कीं

हरिद्वार  उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग की स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आज दिनांक 15 मई, 2026 को आयोग परिसर में रजत जयंती समारोह का आयोजन अत्यन्त हर्षोल्लास एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया।

   समारोह का शुभारम्भ राष्ट्रीय गीत के साथ हुआ। तत्पश्चात् समारोह में उपस्थित गणमान्यजनों द्वारा विधिवत् दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का उद्घाटन किया गया।

    आयोग के अध्यक्ष डॉ० रवि दत्त गोदियाल द्वारा समारोह में पधारे मुख्य अतिथि-आयोग के पूर्व अध्यक्ष श्री के० आर्या, आईएएस (से.नि.), विशिष्ट अतिथि- पूर्व प्रथम महिला सदस्य डॉ० सुधा रानी पाण्डे तथा अन्य गणमान्य अतिथियों का स्वागत करते हुए अपने सम्बोधन में उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग की विगत् 25 वर्षों की अनेक उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए राज्य की प्रशासनिक सेवाओं के लिए आयोग के महती योगदान का वर्णन किया गया, जिनमें से सीधी भर्ती की 220 से अधिक परीक्षाओं के माध्यम से अब तक 25 हजार से अधिक अभ्यर्थियों का सफलतापूर्वक चयन कर राज्य को मानव संसाधन उपलब्ध कराये गये हैं और यदि, पदोन्नति के माध्यम से किये गये चयन को भी इसमें शामिल कर लिया जाए तो कुल चयन 40 हजार से अधिक हो जाता है।डॉ० गोदियाल ने अपने सम्बोधन में कहा कि उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग राज्य के युवाओं को चयन के समान और निष्पक्ष अवसर प्रदान करने हेतु निरंतर प्रयास करता रहेगा। आज के समय की अनेक चुनौतियों और उनके समाधान का सिलसिलेवार जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अब सभी परीक्षाओं को समयबद्धता से कराने हेतु वार्षिक परीक्षा कैलेण्डर जारी किया जा रहा है साथ ही परीक्षाओं की गुणवत्ता को प्रभावी एवं उच्चस्तरीय मानकों को बनाए रखने हेतु अनेक सुरक्षात्मक उपाय, जिनमें अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का ऑनलाइन सत्यापन, परीक्षा केन्द्रों का ऑनालाईन प्रबन्धन, उत्तर पुस्तिकाओं का डिजिटल मूल्यांकन सहित प्रक्रिया के सभी चरणों का डिजिटलीकरण करने का प्रयास किया जा रहा है। इससे न केवल चयन प्रक्रिया की गति बढ़ेगी, बल्कि प्रक्रिया के पारदर्शी, सुरक्षित एवं सटीकता में भी वांछित वृद्धि होगी।

    इस अवसर पर आयोग के दिवंगत पूर्व अध्यक्षों यथा- स्व० श्री एन.पी. नवानी, आईएएस. (से.नि.), स्व० श्री एस०के० दास तथा पूर्व सदस्य स्व० श्री भुवन चन्द्र जी को श्रद्धांजलि दी गई।

तत्पश्चात् कार्यक्रम के अगले चरण में आयोग के सचिव श्री अशोक कुमार पाण्डेय ने अपने सत्यधिचात आयोग की 25 वर्षों की गरिमामयी यात्रा का विस्तार से वर्णन किया तथा परीक्षा आयोग सुचारू संचालन हेतु वर्तमान चुनौतियों जैसे पेपरलीक, फर्जी अभ्यर्थी आदि के दृष्टिगत ए०आई० तथा शुचिता जैसे ऐप का उपयोग, डिजीलॉकर जैसी संस्थाओं के साथ विचार-विमर्श तथा परीक्षा केन्द्र मैंनेजमेंट सिस्टम का उपयोग करने हेतु आयोग द्वारा उठाए जा रहे कदमों के बारे में विस्तार से बताया गया और इस हेतु श्री पाण्डेय के निर्देशन में तैयार डॉक्यूमेंट्री का ई-प्रस्तुतीकरण भी किया गया। 

    इस अवसर पर समारोह में उपस्थित विभिन्न महानुभावों / वक्ताओं, यथा पूर्व अध्यक्ष मेजर जनरल (से०नि०) आनन्द सिंह रावत, डॉ० एन०एस० बिष्ट, ले०ज० (से०नि०) जी०एस० नेगी तथा पूर्व सदस्यगणों यथा डॉ० जी०एस० नयाल, श्री आर०जे०सिंह, श्री डी०के० भट्ट, श्री संजय शर्मा, श्री सुमेर चन्द रवि, डॉ० छाया शुक्ला, प्रो० एन०एस० भण्डारी, श्री पी०के० जोशी, श्री मनोज सिंह रावत, आदि ने अपने विचार व्यक्त किए और अपने कार्यकाल के दौरान आयोग द्वारा हासिल की गयी अनेक उपलब्धियों का वर्णन करते हुए अपने अनुभव साझा किए। साथ ही आयोग की उत्कृष्ट एवं उत्तरदायी कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए भविष्य में तकनीकी नवाचारों को अपनाने एवं परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता को और अधिक सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया।

               रजत जयन्ती समारोह के इस अवसर को यादगार बनाने हेतु आयोग द्वारा "स्मारिका मेधा" के रजत जयन्ती विशेषांक का विमोचन किया गया, जिसका उद्देश्य युवाओं, विशेषकर सुदूरवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले युवाओं के अंदर शासकीय सेवा के प्रति जागरूकता और लोक सेवा के प्रति समर्पण की भावना पैदा करना है। साथ ही आयोग के "रजत जयन्ती लोगो", जिसका डिजाइन आयोग के पूर्व अध्यक्ष मेजर जनरल आनन्द सिंह रावत द्वारा तैयार किया गया है, का अनावरण किया गया, जो आयोग के मूल सिद्धान्तों यथा- उत्कृष्टता, पारदर्शिता और निष्पक्षता का द्योतक है। इसी प्रकार अभ्यर्थियों के सुविधार्थ उन्हें परीक्षा संबंधी सभी महत्वपूर्ण जानकारियाँ त्वरित ढंग से उपलब्ध कराने हेतु आयोग द्वारा इस अवसर पर "UKPSC-MITRA" मोबाइल ऐप को लाँच किया गया, जोकि ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्रकार से संचालित किया जा सकता है तथा उक्त ऐप को Google Play Store से डाउनलोड किया जा सकता है।

   इस अवसर पर समारोह के मुख्य अतिथि श्री कृश्न आर्य, पूर्व आई०ए०एस० एवं विशिष्ट अतिथि डॉ० सुधारानी पाण्डे, प्रथम महिला पूर्व सदस्य ने संबोधित किया। 

 

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