
हरिद्वार: धर्म की नगरी कही जाने वाली तीर्थ नगरी हरिद्वार में जेष्ठ पुरुषोत्तम मास की पूर्णिमा के अवसर पर आस्था का अद्भुत और अलौकिक दृश्य देखने को मिला। विश्व प्रसिद्ध हर की पैड़ी सहित सभी गंगा के सभी प्रमुख घाटों पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। मां गंगा की पवित्र धारा में स्नान करने के लिए देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचे और श्रद्धा, भक्ति एवं विश्वास के साथ पुण्य स्नान कर अपने जीवन को धन्य किया। वहीं सड़कों पर वहानों की लंबी कतारें पूरे दिन रहीं। यहाँ तक अंंदुरनी सड़कें पर भी जाम की स्थिति रही। जबकि बड़े सवेरे से ही डीएम मयूर दीक्षित, एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर भीड़ पर नज़र बनाये हुये थे। तथा एस पी अभय प्रताप सिंह स्वयं सड़क पर ट्रैफ़िक संभालते दिखाई दिए।
सुबह ब्रह्ममुहूर्त से ही हर की पैड़ी पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। जैसे-जैसे सूर्य देव की किरणें गंगा की लहरों पर पड़ती गईं, वैसे-वैसे घाटों पर आस्था का महासागर उमड़ता चला गया। चारों ओर "हर-हर गंगे", "जय मां गंगे", "हर हर महादेव" के जयघोष गूंज रहे थे, जिससे संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा।हर की पैड़ी, ब्रह्मकुंड, मालवीय घाट, सुभाष घाट, कुशावर्त घाट, गौघाट, रोड़ीबेलवाला और अन्य सभी घाटों पर श्रद्धालु मां गंगा की पावन धारा में स्नान करते दिखाई दिए। श्रद्धालुओं ने पूरे श्रद्धाभाव से गंगा स्नान कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और मंगलकामना के लिए प्रार्थना की।स्नान के उपरांत श्रद्धालुओं ने भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। गंगा तट पर हजारों श्रद्धालु हाथ जोड़कर मां गंगा से अपने परिवार के कल्याण और पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते नजर आए।पुरुषोत्तम मास की पूर्णिमा का विशेष धार्मिक महत्व होने के कारण श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद अपने-अपने तीर्थ पुरोहितों, गंगा गुरुओं और ब्राह्मणों को श्रद्धानुसार दान-दक्षिणा अर्पित की। श्रद्धालुओं ने अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति, परिवार की उन्नति और जीवन में सुख-समृद्धि की कामना करते हुए धार्मिक अनुष्ठान भी संपन्न कराए।घाटों पर बैठे तीर्थ पुरोहितों के समक्ष श्रद्धालु अपने परिवारों के नाम से संकल्प लेकर पूजा-अर्चना कराते दिखाई दिए। पूरे दिन गंगा तट वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों से गुंजायमान रहा।देशभर से उमड़े श्रद्धालु, हर रास्ता पहुंचा हरिद्वारदिल्ली, पंजाब, राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, गुजरात, हिमाचल प्रदेश और देश के अनेक राज्यों से श्रद्धालु बड़ी संख्या में हरिद्वार पहुंचे। कोई ट्रेन से आया, कोई बसों से और हजारों श्रद्धालु अपने निजी वाहनों से धर्मनगरी पहुंचे। वहीं रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और प्रमुख मार्गों पर श्रद्धालुओं की भीड़ साफ दिखाई दे रही थी। कई श्रद्धालु रेलवे स्टेशन से पैदल ही गंगा घाटों की ओर बढ़ते हुए "हर-हर गंगे" और "जय श्रीराम" के जयघोष करते नजर आए। यह दृश्य सनातन आस्था की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत कर रहा था।जहां नजर गई, वहां श्रद्धालुओं का सागर दिखाई दिया
वीक एंड पर भीड़ का दबाव ग्रीष्मकल में बना रहता है।रविवार और पुरुषोत्तम मास की पूर्णिमा का दुर्लभ संयोग होने के कारण इस बार श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में कहीं अधिक रही। घाटों, गलियों, बाजारों और प्रमुख मार्गों पर हर ओर श्रद्धालुओं की भीड़ दिखाई दी। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो सम्पूर्ण भारत अपनी आस्था लेकर हरिद्वार पहुंच गया हो।