
सेंटर ऑफ़ इंडियन ट्रेड यूनियान्स (सीटू) से संबध संविदा श्रमिक संघ उत्तराखण्ड की शाखा निर्माणाधीन लखवाड ब्यासी जलविद्युत परियोजना द्वारा मांगों को लेकर हड़ताल कर लखवाड़ भवन पर धरना दिया। और यू. जे.वी.एन. एल के महा प्रबंधक सुजीत सिंह, डी जी एम गिरीश रावत,यूनियन प्रतिनिधि सीटू जिला महामंत्री लेखराज, उपाध्यक्ष दीपक शर्मा, सचिव अभिषेक भंडारी, गोपाल वाल्मीकि, यूनियन अध्यक्ष प्रदीप चौहान बबलू प्रकाश, विपिन नवीन तोमर, दीगपाल व एल & टी के एच.आर, जितेंद्र प्रताप सिंह सहित अन्य लोग उपस्तिथ थे। वर्ता में यूनियन
के प्रतिनिधियों ने मांगपत्र पर चर्चा हुई जिस पर अधिकारीयों द्वारा एल &टी कंपनी को निर्देशित किया कि इनकी जो 11 सूत्रीय मांग पत्र पर कार्यवाही करें और जोभी जायज मांगे है उन्हें लागु करें।
श्रमिकों को सम्बोधित करते हुए कहा की यू.जे.वी.एन.एल के अधिकारीयों द्वारा संविदाकार कंपनी एल &टी
कंपनी को मजदूरों की न्यायोचित मांगों को पूरा किया जाना चाहिए था।उन्होंने बताया की 8 अप्रेल 2026 को यू.जे.वी.एन. एल के प्रबंध निदेशक ए.के.सिंह से मुलाक़ात कर उन्हें श्रमिकों की समस्याओं से अवगत कराया गया जिस पर समस्याओ का समाधान का आश्वाशन दिया की वे उनकी समस्याओ का समाधान करवाने का काम करेंगे।
किन्तु एक महा बाद भी उन समस्याओं का कोई समाधान नहीं किया गया और नहीं वार्ता की गयी।
इसलिए 15 मई को डाकपत्थर में यू.जे.वी.एन. एल के कार्यालय को घेरेंगे और मांग करेंगे की हड़ताली श्रमिकों से वार्ता कर मांगो पर कर्यवाही करने का काम करे।
इस अवसर पर सीटू के जिला सचिव अभिषेक भंडारी ने कहा की कम्पनियो द्वारा श्रम कानूनों का पालन नहीं किया जा रहा है उन्होंने कहा की उप मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय ) के समक्ष ओद्योगिक विवाद अधिनियम के तहत वार्ता में भी कम्पनीया नहीं आ रही है जबरदस्ती 12 घंटे काम करवाया जाता है ज़ब मजदूरों ने विरोध किया तो उन्हें बाहर कर दिया गया जिससे मजदूरों में रोष व्याप्त हो गया और 12 मई से हड़ताल पर चले गये उन्होंने कहा की कंपनी मजदूरों का शोषण बंद नहीं करती है और उनकी मांगे नहीं मानी जाती है तो सीटू यू.जे.वी.एन.एल में भी मांगों को लेकर और हड़ताली मजदूरों के समर्थन में व्यापक आंदोलन किया जायेगा।
इस अवसर पर सीटू के जिला उपाध्यक्ष दीपक शर्मा नितिन बोठियाल ने भी सम्बोधित किया।
इस अवसर पर यूनियन अध्यक्ष प्रदीप चौहान, बबलू प्रकाश, विपिन रावत, बॉबी सिंह आदि बड़ी संख्या में श्रमिक उपस्तिथ थे।
