यूएस सीनेटरों ने ग्रामीण अस्पतालों के लिए एच-1बी वीजा शुल्क में छूट पर विचार की मांग की

यूएस सीनेटरों ने ग्रामीण अस्पतालों के लिए एच-1बी वीजा शुल्क में छूट पर विचार की मांग की

वॉशिंगटन, 3 जून (आईएएनएस)। अमेरिका के दोनों प्रमुख दलों के सीनेटरों ने ग्रामीण अस्पतालों पर पड़ने वाले असर को लेकर 100,000 डॉलर वाले एच-1बी वीजा शुल्क पर चिंता जताई है। उन्होंने होमलैंड सिक्योरिटी सचिव मार्कवेन मुलिन से आग्रह किया कि दूर-दराज और कम सुविधाओं वाले इलाकों में काम करने के लिए भर्ती किए जा रहे विदेशी डॉक्टरों को कुछ राहत देने पर विचार किया जाए।

यह मामला सीनेट की एप्रोप्रिएशंस उपसमिति की सुनवाई के दौरान उठा, जहां होमलैंड सिक्योरिटी विभाग के वित्त वर्ष 2027 के बजट पर चर्चा हो रही थी। इस दौरान मेन राज्य की सीनेटर सुसान कॉलिन्स ने कहा कि ग्रामीण इलाकों के अस्पतालों को विशेषज्ञ डॉक्टरों को आकर्षित करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।

कॉलिन्स ने बताया कि उत्तरी मेन के एक छोटे से कस्बे प्रेस्क आइल के अस्पताल को हाल ही में एक जरूरी सर्जन को विदेश से लाने के लिए यह भारी शुल्क देना पड़ा। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में पहले से डॉक्टरों की कमी है, वहां स्वास्थ्य सेवाएं देने वाले संस्थानों को अलग तरीके से देखा जाना चाहिए, न कि उन कंपनियों की तरह जो बड़े शहरों में काम करने के लिए स्किल्ड वर्कर्स को भर्ती करती हैं।

उन्होंने पूछा, “क्या आप इस बात पर विचार करेंगे कि अगर कोई समुदाय यह साबित कर दे कि वहां डॉक्टर उपलब्ध नहीं हैं, तो मेडिकल प्रोफेशनल्स के लिए इस फीस में छूट दी जा सकती है?”

इस पर मुलिन ने कहा कि समस्या को वह समझते हैं और विभाग संभावित समाधान पर विचार करने के लिए तैयार है, लेकिन उन्होंने कहा कि मौजूदा नियमों के तहत व्यापक छूट देना आसान नहीं होगा।

उन्होंने कहा क‍ि हमारे पास कुछ हद तक अधिकार और लचीलापन है कि हम केस आधार पर कुछ छूट दे सकें।

होमलैंड सिक्योरिटी सचिव ने बताया कि वित्त वर्ष 2026 में अब तक लगभग 2,86,000 एच-1बी आवेदन मिल चुके हैं। उनके अनुसार, इनमें से दो लाख से ज्यादा आवेदकों ने 100,000 डॉलर शुल्क देने का विकल्प चुना, क्योंकि इससे आवेदन तेजी से प्रोसेस होता है।

उन्होंने कहा क‍ि असल में ऐसा करने पर हम उन्हें लगभग 15 दिनों में प्रोसेस कर पा रहे हैं, जबकि जिन आवेदनों में छूट या अलग प्रक्रिया अपनाई जाती है, उन्हें करीब साढ़े सात महीने तक इंतजार करना पड़ता है।

मुलिन ने कहा कि विभाग इस प्रक्रिया को सुधारने के लिए प्रतिनिधियों के साथ मिलकर काम करने को तैयार है।

उन्होंने कहा, “हम इसे देखने के लिए तैयार हैं, इसके लिए भाषा तैयार करने की कोशिश करेंगे और इसे बेहतर बनाएंगे, क्योंकि मैं सहमत हूं। मैं खुद एक ग्रामीण इलाके से आता हूं, इसलिए मैं समझता हूं कि डॉक्टर मिलना कितना मुश्किल होता है।”

--आईएएनएस

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