नई दिल्ली: वियतनाम के राष्ट्रपति और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ वियतनाम के महासचिव तो लाम तीन दिवसीय (5 से 7 मई 2026) भारत दौरे पर मंगलवार को भारत पहुंचेंगे। दौरे की शुरुआत बोधगया से करेंगे और फिर दिल्ली पहुंचेंगे।
विदेश मंत्रालय की ओर से जारी किए गए आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, तो लाम 5 मई को सुबह 11:10 बजे गया इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचेंगे। इसके बाद वह दोपहर 3:20 बजे एयरफोर्स स्टेशन पालम के हवाई अड्डे पर उतरेंगे फिर राजधानी दिल्ली के कार्यक्रमों में भाग लेंगे।
6 मई को सुबह 9 बजे उनका औपचारिक स्वागत राष्ट्रपति भवन में किया जाएगा। इसके बाद वह राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। दिन के प्रमुख कार्यक्रम में 11:30 बजे हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री के साथ उनकी बैठक शामिल है, जिसके बाद समझौतों (एमओयू) का आदान-प्रदान और संयुक्त प्रेस वक्तव्य जारी किया जाएगा।
दोपहर बाद वह लोकसभा अध्यक्ष से आईटीसी मौर्या में मुलाकात करेंगे और फिर इंडियन काउंसिल ऑफ वर्ल्ड अफेयर्स द्वारा सप्रू हाउस में आयोजित कार्यक्रम में नीति भाषण देंगे। शाम को वह पुनः राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति से भेंट करेंगे।
7 मई को लाम मुंबई पहुंचेंगे, जहां वह छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आगमन के बाद भारतीय राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज का दौरा करेंगे। इसके बाद वह होटल ट्राइडेंट में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और राज्यपाल से अलग-अलग मुलाकात करेंगे और एक बिजनेस फोरम में भी भाग लेंगे।
यात्रा के अंत में, 7 मई की रात 8:30 बजे उनका प्रस्थान निर्धारित है। इस दौरे को भारत-वियतनाम संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासकर व्यापार, निवेश और रणनीतिक सहयोग के क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर जोर होगा।
विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक इस साल अप्रैल में वियतनाम के राष्ट्रपति चुने जाने के बाद तो लाम का यह पहला भारत दौरा होगा। मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी "राष्ट्रपति तो लाम के साथ द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ साझा हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विस्तृत चर्चा करेंगे।"
बयान में आगे लिखा है, "भारत और वियतनाम के बीच ऐतिहासिक और सभ्यता से जुड़े रिश्ते हैं, जो पिछले कुछ वर्षों में और गहरे हुए हैं। राष्ट्रपति तो लाम का दौरा ऐसे मौके पर हो रहा है जब दोनों देश 2016 में प्रधानमंत्री मोदी की वियतनाम यात्रा के दौरान हुए व्यापक रणनीतिक साझेदारी के 10 साल पूरे होने पर सहमत हैं। नेताओं के बीच बातचीत से मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को नई रफ्तार मिलने और भारत और वियतनाम के बीच सहयोग के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है।"
--आईएएनएस
