वियतनाम के राष्ट्रपति टो लाम ने महाबोधि मंदिर में प्रार्थना की

बोधगया, 5 मई (आईएएनएस)। भारत दौरे पर आए वियतनाम के राष्ट्रपति टो लाम सबसे पहले बोधगया पहुंचे। यहीं भगवान बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। उन्होंने महाबोधि मंदिर में प्रार्थना की।

इससे पहले, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गया पहुंचने पर वियतनामी राष्ट्रपति का गर्मजोशी से स्वागत किया। राष्ट्रपति टो लाम भारत की तीन दिवसीय यात्रा पर आए हैं।

वर्ष 2011 में टो लाम ने वियतनाम के फाट तिच पगोडा में बोधगया से लाए गए बोधि वृक्ष का रोपण किया था।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विश्वास जताया कि यह यात्रा भारत और वियतनाम के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करेगी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि गया जैसे आध्यात्मिक और सांस्कृतिक शहर में राष्ट्रपति का स्वागत करना गर्व की बात है और यह ऐतिहासिक यात्रा दोनों देशों के रिश्तों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।

टो लाम, जो वियतनाम की कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के महासचिव भी हैं, 7 मई तक भारत में रहेंगे। राष्ट्रपति बनने के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा है।

6 मई को उन्हें राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत दिया जाएगा। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके साथ द्विपक्षीय संबंधों, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विस्तृत बातचीत करेंगे।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी वियतनामी राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगी, जबकि अन्य नेता भी उनसे मिलने वाले हैं।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस यात्रा के दौरान बोधगया और मुंबई के अलावा अन्य कार्यक्रम भी शामिल हैं। मंत्रालय ने कहा कि दोनों देशों के नेताओं के बीच बातचीत से द्विपक्षीय संबंधों को नई गति मिलेगी और सहयोग के नए अवसर खुलेंगे।

7 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाम को राष्ट्रपति चुने जाने पर बधाई दी थी और दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई थी।

विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि भारत और वियतनाम के बीच ऐतिहासिक और सभ्यतागत संबंध रहे हैं, जो समय के साथ मजबूत हुए हैं। यह यात्रा वर्ष 2016 में प्रधानमंत्री मोदी की वियतनाम यात्रा के दौरान स्थापित व्यापक रणनीतिक साझेदारी के 10 वर्ष पूरे होने के अवसर पर हो रही है।

--आईएएनएस

केआर/

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