विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रोमानियाई समकक्ष के साथ ईयू-भारत एफटीए की तैयारियों पर की चर्चा

निकोसिया, 28 मई (आईएएनएस)। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने गुरुवार को साइप्रस में यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों की अनौपचारिक जिमनिच मीटिंग से इतर अपनी रोमानियाई समकक्ष ओना तोइयू से मुलाकात की।

मीटिंग के बाद रोमानिया की विदेश मंत्री ओना तोइयू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “हम अब जमीन तैयार कर रहे हैं ताकि हमारी दोनों अर्थव्यवस्था भविष्य के ईयू-भारत मुक्त व्यापार समझौते का ज्यादा से ज्यादा फायदा उठा सकें, जिसमें रक्षा उद्योग, नवीकरणीय ऊर्जा, स्टील, ऑटोमोटिव, फर्टिलाइजर और पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर में मजबूत पोटेंशियल है।”

उन्होंने आगे कहा, “साइप्रस में जिमनिच मीटिंग के दौरान मेरे भारतीय समकक्ष डॉ. एस जयशंकर के साथ बहुत अच्छी चर्चा हुई, यह हमारी चौथी मीटिंग थी।”

रोमानियाई विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि रोमानिया और बारत के बीच व्यापार 2025 में 1.2 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है, जो 2024 के मुकाबले 20 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी है।

उन्होंने कहा, “आठ साल के ब्रेक के बाद हमारे संयुक्त आर्थ्क सहयोग आयोग को अनब्लॉक करने के बाद, हम संबंध में असली मोमेंटम वापस लाए हैं और निवेश पहले से ही तेज हो रहा है।”

दोनों मंत्री इस साल के आखिर में रोमानिया के उच्च स्तरीय दौरे का भी इंतजार कर रहे हैं।

उन्होंने मिडिल ईस्ट के हालात में हो रहे विकास पर भी चर्चा की, जिसमें ऊर्जा सुरक्षा, कनेक्टिविटी, भारत-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (आईएमईसी) और होर्मुज स्ट्रेट में नेविगेशन की आजादी शामिल है।

ओना तोइयू ने बताया, “रोमानिया और बारत हमारी एक्सटेंडेड साझेदारी के रणनीतिक पहलू को और गहरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

इससे पहले, गुरुवार को ही विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक्स पर लिखा, “आज साइप्रस में पोलैंड के डिप्टी पीएम और विदेश मंत्री रादोस्लाव सिकोरस्की, रोमानिया की विदेश मंत्री ओआना-सिल्विया त्सोइउ और नीदरलैंड के टॉम बेरेंडसेन के साथ एक छोटी सी बातचीत हुई।”

रोमानिया यूरोपीय यूनियन का सदस्य है और जनवरी में, यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भारत-ईयू एफटीए पर बातचीत के सफल समापन की घोषणा की और इस समझौते को सभी डीलों की जननी बताया था।

इस समझौते के 2026 में कभी भी लागू होने की उम्मीद है। एफटीए से कई क्षेत्र में कुल मिलाकर दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने में गुणात्मक बदलाव आने की उम्मीद है।

--आईएएनएस

केके/डीएससी

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