वांग यी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता

बीजिंग, 27 मई (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के इस महीने के घूर्णनशील अध्यक्ष के रूप में चीन की पहल पर 'संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों को कायम रखना और संयुक्त राष्ट्र केंद्रित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को मजबूत करना' विषय पर एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई।

बैठक की अध्यक्षता चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य और चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने की। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने बैठक में मौजूदा वैश्विक स्थिति पर जानकारी दी। इस बैठक में 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, जिनमें 20 से अधिक देशों के विदेश मंत्री और वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल थे।

अपने संबोधन में वांग यी ने कहा कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थिति द्वितीय विश्व युद्ध के बाद के सबसे जटिल और गहरे बदलावों के दौर से गुजर रही है। उन्होंने कहा कि मानव सभ्यता का जहाज अब खतरनाक जलक्षेत्र में प्रवेश कर चुका है और विश्व शांति तथा विकास का मार्ग एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है। उनके अनुसार, मौजूदा चुनौतियां अंतरराष्ट्रीय समुदाय के शांति बनाए रखने के संकल्प, न्याय की रक्षा करने की क्षमता और नवाचार के साहस की परीक्षा ले रही हैं। उन्होंने सभी देशों से एकजुट होकर संयुक्त राष्ट्र को मजबूत और अधिक प्रभावशाली बनाने का आह्वान किया।

वांग यी ने कहा कि सबसे पहले संयुक्त राष्ट्र चार्टर की भावना को पुनर्जीवित कर मजबूत नेतृत्व क्षमता दिखानी होगी। इसके साथ ही, सुरक्षा परिषद के अधिकार और प्रभाव को मजबूत करते हुए उसकी कार्रवाई क्षमता बढ़ानी होगी। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय विकास सहयोग को मजबूत करने, वैश्विक शासन व्यवस्था में सुधार लाने और संयुक्त राष्ट्र प्रणाली की कार्यक्षमता को अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

वांग यी ने यह भी कहा कि इस वर्ष संयुक्त राष्ट्र में चीन लोक गणराज्य की वैध सीट की बहाली की 55वीं वर्षगांठ है। उन्होंने कहा कि पिछले 55 वर्षों में सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य के रूप में चीन ने संयुक्त राष्ट्र के कार्यों में सक्रिय और रचनात्मक भूमिका निभाई है। उन्होंने भरोसा जताया कि चीन आगे भी अपनी जिम्मेदारियां निभाते हुए बहुपक्षवाद को मजबूत करेगा, अधिक न्यायपूर्ण और समान वैश्विक शासन व्यवस्था को बढ़ावा देगा तथा मानव जाति के साझा भविष्य वाले समुदाय के निर्माण की दिशा में अन्य देशों के साथ मिलकर आगे बढ़ेगा।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

--आईएएनएस

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