Election Law Controversy : रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स के बीच अमेरिकी मतदान विधेयक को लेकर टकराव

सेव एक्ट पर अमेरिकी सीनेट में टकराव, वोटिंग नियमों को लेकर गरमाई राजनीति
रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स के बीच अमेरिकी मतदान विधेयक को लेकर टकराव

वॉशिंगटन: अमेरिकी सीनेट में तीखी राजनीतिक लड़ाई शुरू हो गई, जब रिपब्लिकन ने सेव एक्ट को चुनावों की सुरक्षा के लिए एक उपाय के रूप में आगे बढ़ाया जबकि डेमोक्रेट्स ने इसे मतदाता दमन का कदम बताते हुए कहा कि इससे लाखों पात्र अमेरिकी नागरिकों को मतदान करने से रोका जा सकता है।

सीनेट के बहुमत नेता जॉन थ्यून ने कहा कि इस प्रस्ताव का ध्यान दो बुनियादी आवश्यकताओं पर है: “इस देश में मतदान के लिए पंजीकरण कराने के लिए आपको अपनी नागरिकता साबित करनी होगी” और “इस देश में वोट देने के लिए आपको पहचान पत्र दिखाना होगा।”

उन्होंने कहा कि ऐसे उपाय अमेरिकी जीवन की रोज़मर्रा की प्रथाओं को दर्शाते हैं। थ्यून ने कहा, “हमें इन्हें इस देश में मतदान जैसे महत्वपूर्ण कार्य पर भी लागू करने में सक्षम होना चाहिए,” यह तर्क देते हुए कि बैंकिंग से लेकर यात्रा तक कई सेवाओं के लिए पहचान जांच सामान्य बात है।

रिपब्लिकनों ने इस विधेयक को चुनाव की निष्पक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में एक कदम बताया। सीनेटर जॉन ब्रासो ने कहा, “मेरा मानना है कि केवल संयुक्त राज्य अमेरिका के नागरिकों को ही अमेरिकी चुनावों में मतदान करने की अनुमति होनी चाहिए।” उन्होंने जोड़ा कि मेरा मानना है कि वोट देने के लिए फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करना आवश्यक होना चाहिए।

बारासो ने कहा कि रिपब्लिकन वोटिंग के लिए दबाव बनाएंगे ताकि डेमोक्रेट्स को स्पष्ट रुख अपनाने के लिए मजबूर किया जा सके। उन्होंने कहा, “रिपब्लिकन मतदाता पहचान पत्र का समर्थन करते हैं, और डेमोक्रेट्स खुली सीमाओं और अवैध मतदाताओं की पार्टी हैं।”

सीनेटर शेली मोरे कैपिटो ने इस उपाय को “सामान्य समझ” बताया और अपने गृह राज्य के मौजूदा मतदाता पहचान कानून का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि नागरिकता का प्रमाण “उस मौलिक मतदान अधिकार की रक्षा करेगा जिसे हम सभी साझा करते हैं।”

डेमोक्रेट्स ने इस विधेयक को पूरी तरह खारिज कर दिया और चेतावनी दी कि इससे स्थापित मतदान प्रणाली बाधित हो सकती है।

सीनेट के अल्पमत नेता चाल्स शूमर ने कहा, “सेव एक्ट कोई मतदाता पहचान पत्र विधेयक नहीं है। यह हर मायने में मतदाता दमन का विधेयक है।” उन्होंने चेतावनी दी कि यह प्रस्ताव “2 करोड़ से अधिक अमेरिकियों को मतदान के अधिकार से वंचित कर सकता है” और “ऑनलाइन मतदाता पंजीकरण” व “डाक द्वारा मतदान” को समाप्त कर देगा।

शूमर ने पंजीकरण के दौरान पहचान आवश्यकताओं से जुड़े प्रावधानों की भी आलोचना की। उन्होंने कहा, “ड्राइविंग लाइसेंस अब पर्याप्त नहीं होंगे। यहां तक कि सैन्य पहचान पत्र भी पर्याप्त नहीं होंगे। यह अत्यधिक कठोर है।”

सीनेटर एमी क्लोबूचर ने कहा कि यह विधेयक मतदाताओं पर बाधाएं थोपेगा जबकि आर्थिक चिंताओं को नजरअंदाज करेगा। उन्होंने कहा, “वे लोगों को मतदाता सूची से हटाने और अपने चुनावों को जबरन आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।”

सीनेटर एलेक्स पडीला ने कहा कि यह प्रस्ताव पात्र अमेरिकियों के लिए “मतदाता के रूप में पंजीकरण करना, पंजीकृत बने रहना और मतदान करना” कठिन बना देगा। उन्होंने इसे “मतदाता दमन विधेयक” और “मतदाता सूची शुद्धिकरण विधेयक” बताया।

थ्यून ने स्वीकार किया कि यह अनिश्चित है कि रिपब्लिकन पर्याप्त वोट जुटा पाएंगे या नहीं लेकिन आगे बढ़ने का बचाव किया। उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि इस मुद्दे पर बहस और चर्चा का सीनेट के पटल पर होना महत्वपूर्ण है।”

--आईएएनएस

 

 

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