
वाशिंगटन/तेहरान: अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकाम) ने ईरान के ड्रोन मार गिराने और एक और सैन्य कार्रवाई की पुष्टि की है। सोमवार को भी ईरानी बोट्स को निशाना बनाया गया था। दूसरी ओर ईरान ने भी अज्ञात अमेरिकी एयरबेस पर हमले का दावा किया है।
सेंटकाम ने दावा किया है कि उसने ईरान के चार ड्रोन को मार गिराया है और साथ ही एक सैन्य ठिकाने पर भी हमला किया है, जहां एक और ड्रोन लॉन्च की तैयारी चल रही थी।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई उस समय की गई जब ये ड्रोन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास अमेरिकी और वाणिज्यिक जहाजों के लिए खतरा बन रहे थे। इस ऑपरेशन में जिस ठिकाने को निशाना बनाया गया, वह दक्षिणी ईरान के बंदर अब्बास क्षेत्र में स्थित एक ड्रोन नियंत्रण केंद्र बताया जा रहा है।
यह एक हफ्ते के भीतर ईरान पर अमेरिका की दूसरी बड़ी सैन्य कार्रवाई है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है।
सेंटकाम ने इस कार्रवाई को एक बार फिर 'सेल्फ-डिफेंसिव,' यानी आत्म-रक्षा के तहत उठाया गया कदम करार दिया है और कहा कि इसका उद्देश्य क्षेत्र में बढ़ते खतरों को रोकना और शिपिंग मार्गों की सुरक्षा बनाए रखना है।
वहीं, ईरान ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है और कहा है कि यह कदम मौजूदा संघर्षविराम का सीधा उल्लंघन है। तेहरान का आरोप है कि अमेरिका लगातार क्षेत्र में तनाव बढ़ा रहा है और उसकी सैन्य कार्रवाइयां अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ हैं।
इससे पहले ईरानी सरकारी मीडिया ने बताया था कि, होर्मुज स्ट्रेट के पास स्थित बंदर अब्बास शहर के पूर्वी इलाके में मंगलवार सुबह तीन धमाकों की आवाज सुनी गई। धमाकों के तुरंत बाद ईरान ने कुछ समय के लिए अपने एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव कर दिए थे।
दूसरी ओर, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि उसने एक अमेरिकी एयरबेस पर हमला किया है। आईआरजीसी का कहना है कि यह कार्रवाई बंदर अब्बास एयरपोर्ट के पास अमेरिकी हमले के जवाब में की गई।
तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, आईआरजीसी ने बयान जारी कर कहा कि जिस एयरबेस से अमेरिकी हमला हुआ था, उसे स्थानीय समय के अनुसार सुबह 4:50 बजे निशाना बनाया गया। हालांकि, ईरान ने यह नहीं बताया कि यह एयरबेस किस देश में स्थित था।
--आईएएनएस
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