
संयुक्त राष्ट्र: संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने लेबनान और इजरायल के बीच संघर्ष रोकने की अवधि को 45 दिन और बढ़ाने के फैसले का स्वागत किया है। संयुक्त राष्ट्र के प्रेस कार्यालय ने कहा कि गुटेरेस ने दोनों देशों के बीच शांति बनाए रखने की कोशिशों का समर्थन दोहराया है।
सिन्हुआ न्यूज एजेंसी के अनुसार, प्रेस कार्यालय ने संवाददाताओं को भेजे गए एक नोट में कहा कि संयुक्त राष्ट्र उन सभी प्रयासों के साथ खड़ा है, जिनका मकसद हिंसा रोकना और ब्लू लाइन के दोनों तरफ रहने वाले लोगों की परेशानियां कम करना है। यहां जिस “ब्लू लाइन” का जिक्र किया गया है, वह लेबनान और इजरायल के बीच संयुक्त राष्ट्र द्वारा साल 2000 में तय की गई सीमा रेखा है।
संयुक्त राष्ट्र ने सभी पक्षों से अपील की है कि वे युद्धविराम का पूरी तरह पालन करें, आगे कोई हमला न करें और अंतरराष्ट्रीय कानूनों, खासकर मानवीय कानूनों का सम्मान करें।
संयुक्त राष्ट्र ने यह भी कहा कि वह सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1701 को पूरी तरह लागू कराने के लिए चल रही कूटनीतिक कोशिशों में सहयोग देता रहेगा। यह प्रस्ताव 2006 में हुए लेबनान युद्ध के बाद लाया गया था, जिसमें हिज्बुल्लाह और इजरायल के बीच संघर्ष हुआ था।
इस बीच, इजरायल और लेबनान ने पिछले महीने लागू हुए युद्धविराम को 45 दिन और बढ़ाने पर सहमति जताई है। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने बताया कि 16 अप्रैल से लागू संघर्ष विराम को आगे बढ़ाया जा रहा है ताकि बातचीत में और प्रगति हो सके।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच राजनीतिक स्तर की बातचीत 2 और 3 जून को अमेरिकी विदेश विभाग में फिर शुरू होगी। वहीं, सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर सैन्य अधिकारियों की अलग बैठक 29 मई को पेंटागन में होगी। गुरुवार और शुक्रवार को इजरायल और लेबनान के बीच तीसरे दौर की सीधी बातचीत हुई। अमेरिकी पक्ष ने इन वार्ताओं को “काफी सकारात्मक और उपयोगी” बताया।
हालांकि, युद्धविराम के बावजूद दक्षिणी लेबनान में इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच झड़पें जारी हैं। शुक्रवार को इजरायली हमलों में कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए। हिजबुल्लाह का कहना है कि उसने दक्षिणी लेबनान के अलग-अलग इलाकों में इजरायली ड्रोन, सैनिकों, सैन्य बुलडोजर और मर्कावा टैंक को निशाना बनाया।
लेबनान के पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशंस सेंटर के मुताबिक, 2 मार्च से 15 मई के बीच इजरायली हमलों में 2,951 लोगों की मौत हुई है और 8,988 लोग घायल हुए हैं। बातचीत के दौरान, इजरायल का प्रतिनिधित्व वाशिंगटन में उसके राजदूत येचिएल लीटर और वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों ने किया, जबकि लेबनान के प्रतिनिधिमंडल में वाशिंगटन में उसकी राजदूत नाडा हमादेह मौवाड और अमेरिका में लेबनान के पूर्व राजदूत साइमन करम शामिल थे।
--आईएएनएस
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