Historical Revisionism : टोक्यो ट्रायल पर सीजीटीएन सर्वे के मुख्य आंकड़े

टोक्यो ट्रायल की 80वीं वर्षगांठ पर वैश्विक सर्वे में जापान की नीतियों पर चिंता
टोक्यो ट्रायल पर सीजीटीएन सर्वे के मुख्य आंकड़े

बीजिंग: वर्ष 2026 सुदूर पूर्व के लिए अंतरराष्ट्रीय सैन्य अदालत के खुलने की 80वीं वर्षगांठ है। इस मौके पर चाइना मीडिया ग्रुप के अधीन सीजीटीएन ने वैश्विक नेटिजनों के बीच एक सर्वे किया। इस सर्वे के मुख्य आंकड़े निम्न हैं, 81.8 प्रतिशत उत्तरदाताओं के विचार में जापान के ऐतिहासिक संशोधनवाद और नई किस्म वाले सैन्यवाद का मिश्रण तेजी से चल रहा है।

64.1 प्रतिशत उत्तरदाताओं के विचार में सुदूर पूर्व के लिए अंतरराष्ट्रीय सैन्य अदालत ने जापानी सैन्यवाद के ऐतिहासिक अपराधों का व्यवस्थित पर्दाफाश किया और उन को सजा दी है।

 

88.3 प्रतिशत लोगों का विचार है कि जापानी दक्षिणपंथी शक्ति इधर कुछ साल टोक्यो ट्रायल के परिणाम पलटने की कोशिश कर रही है और उसका उद्देश्य सैन्य विस्तार और संविधान के संशोधन के लिए मार्ग को प्रशस्त बनाना है।

 

77.9 प्रतिशत लोगों का विचार है कि जापान में कथित जापान के सशर्त आत्म समर्पण का कथन ऐतिहासिक हकीकत के विपरीत है, जो साफ झूठ है।

 

80.9 प्रतिशत लोगों का विचार है कि टोक्यो ट्रायल बर्बरता पर सभ्यता और दुष्टता पर न्याय की महान विजय है।

 

83 प्रतिशत लोगों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से टोक्यो ट्रायल के परिणामों की सुरक्षा करने की अपील की।

 

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

--आईएएनएस

 

 

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