ट्रंप का पोप लियो को 'कमजोर' बताना वैश्विक संतुलन के लिए खतरा : फिलिस्तीनी राजदूत

नई दिल्ली, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत में फि‍लिस्तीन के राजदूत अब्दुल्ला अबू शावेश ने सोमवार को कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून और बहुपक्षीय व्यवस्था कमजोर होती जा रही है। उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप की आलोचना की, जिन्होंने पोप लियो XIV को 'कमजोर' बताया था।

आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में शावेश ने ट्रंप के उस फैसले की भी आलोचना की, जिसमें उन्होंने स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज को ब्लॉक करने की बात कही। उनका कहना है कि इससे सिर्फ ईरान ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया प्रभावित होगी।

रविवार को ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक लंबा पोस्ट लिखकर पोप लियो पर तीखा हमला किया था। उन्होंने पोप को 'कमजोर' बताया और उनकी विदेश नीति, ईरान और अमेरिका के अंदरूनी मुद्दों पर भी आलोचना की।

शावेश ने कहा, ''जब कोई इतना ताकतवर व्यक्ति पोप जैसे बड़े धार्मिक नेता की आलोचना करता है, तो यह दिखाता है कि अंतरराष्ट्रीय नियम और कानून कमजोर हो रहे हैं। यह इतिहास में एक बड़ा बदलाव है। पोप जैसे व्यक्ति की इस तरह आलोचना नहीं होनी चाहिए।''

ईरान और पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को बंद करना सिर्फ ईरान को सजा देना नहीं होगा, बल्कि पूरी दुनिया को नुकसान होगा।

उन्होंने कहा, ''यह स्ट्रेट पूरी दुनिया के काम आता है। खुद अमेरिका भी इसे खुला रखने की बात करता रहा है। ऐसे में इसे बंद करने का क्या फायदा है, समझ नहीं आता।''

फि‍लिस्तीनी राजदूत ने यह भी कहा कि ट्रंप, जो खुद को दुनिया में कई युद्ध रोकने वाला बताते हैं, उन्होंने ईरान के खिलाफ कार्रवाई करके फि‍लिस्तीन और पूरी दुनिया को नुकसान पहुंचाया है।

उन्होंने कहा क‍ि ट्रंप का तरीका सिर्फ फि‍लिस्तीन ही नहीं, सबको नुकसान पहुंचाता है। अपने पहले कार्यकाल में भी उन्होंने कई फैसले लिए जो फि‍लिस्तीन के खिलाफ थे, जैसे अमेरिका का दूतावास यरूशलम ले जाना, जो अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है। जो नेता कहता है कि उसने युद्ध रोके हैं, वही अब ईरान के खिलाफ बड़ा संघर्ष शुरू कर रहा है और पूरी दुनिया को प्रभावित कर रहा है। याद रखिए, जब तक सब सुरक्षित नहीं हैं, तब तक कोई भी सुरक्षित नहीं है।

उन्होंने यह भी कहा कि अगर होर्मुज स्ट्रेट बंद होता है, तो तेल उत्पादक देश अपना तेल बेच ही नहीं पाएंगे।

होर्मुज स्ट्रेट जो फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है, दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल रास्तों में से एक है। यहां से दुनिया के करीब पांचवें हिस्से का तेल गुजरता है।

उन्होंने कहा क‍ि जो देश इस रास्ते का इस्तेमाल करते हैं, उनका क्या होगा। तेल उत्पादक देश अपना तेल बेच ही नहीं पाएंगे। यह बिल्कुल तर्कहीन है।

अमेरिका ने 13 अप्रैल से ईरानी बंदरगाहों में आने-जाने वाले जहाजों पर सख्त समुद्री रोक लगाने का फैसला किया है। यह कदम वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत फेल होने के बाद उठाया गया है, जिसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम जैसे मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, यह कार्रवाई राष्ट्रपति के निर्देश पर की जा रही है और इसमें ईरान के बंदरगाहों, अरब खाड़ी और ओमान की खाड़ी में आने-जाने वाले सभी जहाज शामिल होंगे।

--आईएएनएस

एवाई/एबीएम

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