ट्रंप के न्यूक्लियर धमकी पर ईरान का तंज, बोले- वो शांति चाहते हैं और उनका समाधान 'बड़ी चमक' है

नई दिल्ली, 9 मई (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के न्यूक्लियर वाली धमकी पर ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने पलटवार किया है। बाघेई ने ट्रंप की धमकियों का सोशल मीडिया पर मजाक उड़ाया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा था कि अगर समझौता नहीं हुआ और संघर्ष बढ़ा तो आपको 'बड़ी चमक' देखने को मिलेगी।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बाघेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो पोस्ट करने के साथ लिखा, "यह एक अजीब बात है कि वे शांति चाहते हैं और न्यूक्लियर संकट को रोकना चाहते हैं, फिर भी उनका सुझाया गया समाधान एक 'बड़ी चमक' है।"

उन्होंने इस पोस्ट के साथ डायरेक्टर स्टेनली कुब्रिक की 1964 की अमेरिकी फिल्म, डॉ. स्ट्रेंजलव या: हाउ आई लर्न्ड टू स्टॉप वरीइंग एंड लव द बॉम्ब का एक क्लिप भी शेयर किया।

दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा था, "अगर कोई सीजफायर नहीं होता है, तो आपको पता नहीं चलेगा। आपको बस ईरान से निकलती एक बड़ी चमक देखनी होगी।"

ट्रंप के इस 'एक बड़ी चमक' वाली बात को न्यूक्लियर धमकी की तरह देखा जा रहा है। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने अल्टीमेटम दिया, "उन्हें जल्दी से एग्रीमेंट पर साइन कर देना चाहिए। अगर वे साइन नहीं करते हैं, तो उन्हें बहुत तकलीफ होगी।"

ईरान के सेंट्रल इंश्योरेंस ने घोषणा की है कि अमेरिका-इजरायल के साथ युद्ध में खराब हुई गाड़ियों के पेमेंट के लिए जल्द ही पैसे दिए जाएंगे। सेंट्रल इंश्योरेंस कंपनी और ईरान इंश्योरेंस के अधिकारियों ने अनुमान लगाया है कि लगभग 30,000 कार को नुकसान पहुंचा है।

अधिकारियों ने बताया कि हाल के हफ्तों में 30 मिलियन टोमन (387 डॉलर) से कम के नुकसान का पेमेंट किया गया है और कहा कि इससे ज्यादा नुकसान के मामलों पर जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।

अमेरिकी राष्ट्रपति को उम्मीद है कि अमेरिका ने ईरान को जो प्रस्ताव भेजा है, उसपर आज रात को तेहरान की तरफ से मैसेज आ सकता है। व्हाइट हाउस के साउथ लॉन में मरीन वन में सवार होने से पहले ट्रंप ने मीडिया से कहा, "मुझे आज रात एक लेटर मिलने वाला है। देखते हैं क्या होता है।"

जब उनसे पूछा गया कि क्या तेहरान जानबूझकर प्रक्रिया को धीमा कर रहा है, तो उन्होंने कहा, "हमें जल्द ही पता चल जाएगा।"

राष्ट्रपति ने संकेत दिया कि अगर बातचीत में रुकावट आती है तो वाशिंगटन अपना रुख और सख्त कर सकता है। उन्होंने कहा, "अगर सब कुछ ठीक नहीं हुआ, तो हम दूसरा रास्ता अपनाएंगे। अगर चीजें नहीं हुईं तो हम प्रोजेक्ट फ्रीडम पर वापस जा सकते हैं, लेकिन यह प्रोजेक्ट फ्रीडम प्लस होगा। मतलब, प्रोजेक्ट फ्रीडम प्लस में दूसरी चीजें भी होंगी।"

--आईएएनएस

केके/एएस

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