श्रीलंका में ईंधन और ऊर्जा इस्तेमाल को लेकर नई गाइडलाइन जारी, बिजली के सीमित उपयोग पर जोर

कोलंबो, 30 मार्च (आईएएनएस)। पश्चिम एशिया में तनाव को देखते हुए श्रीलंका पिछले दो-तीन हफ्तों से कई तरह की एडवाइजरी जारी कर रहा है। मकसद सिर्फ एक, कि भविष्य में देश को किसी भी ईंधन या ऊर्जा संकट से न गुजरना पड़े। सोमवार को एक बार फिर नए दिशानिर्देश जारी किए गए, जिसमें बिजली के सीमित उपयोग पर जोर डाला गया है।

जरूरी सेवाओं के कमिश्नर जनरल कार्यालय ने ईंधन और ऊर्जा इस्तेमाल पर नई गाइडलाइंस जारी की हैं। इसमें 100 से ज्यादा लोगों के साथ रात भर होने वाले उत्सव और संगीत के शो को नेशनल ग्रिड से बिजली न मुहैया कराने का निर्देश दिया गया है।

गाइडलाइंस के मुताबिक, सभी सरकारी और कानूनी संस्थाओं में दोपहर 3 बजे सभी एयर कंडीशनर बंद करने होंगे। प्राइवेट सेक्टर से भी यही तरीका अपनाने का अनुरोध किया गया है।

कमर्शियल प्रमोशन के लिए अलग-अलग जगहों पर लगाए गए रोशनी वाले एडवरटाइजिंग बोर्ड और स्क्रीन रात 8 बजे के बाद बंद करने का भी निर्देश दिया गया है।

गाइडलाइंस में यह भी कहा गया है कि स्थानीय गवर्नमेंट अथॉरिटी को शाम 6 बजे से रात 10 बजे के बीच स्ट्रीट लाइट बंद करने के लिए सही प्रोग्राम लागू करने होंगे।

ये गाइडलाइंस सभी मंत्रालयों के सचिव, सभी प्रांतीय प्रमुख सचिव, सभी जिला सचिव और सभी कानूनी संस्थाओं के अध्यक्ष को जारी की गई हैं।

इससे पहले श्रीलंका हफ्ते के मध्य में एक छुट्टी का ऐलान भी कर चुका है। मार्च मध्य में ही बुधवार की छुट्टी का ऐलान किया गया। इसे भविष्य के ईंधन संकट से बचने की कवायद करार दिया गया।

श्रीलंका सरकार ने एहतियाती कदम उठाते हुए सरकारी दफ्तरों, स्कूलों और विश्वविद्यालयों को हर बुधवार बंद रखने का फैसला किया। यह नियम मार्च 2026 के मध्य से लागू हुआ है, जिसका उद्देश्य ऊर्जा बचाना और सीमित संसाधनों का प्रबंधन करना है। वहीं, ईंधन की कालाबाजारी को रोकने के लिए सरकार ने क्यूआर-कोड आधारित ईंधन राशनिंग प्रणाली भी लागू की गई थी।

--आईएएनएस

केआर/

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