बीजिंग, 4 जून (आईएएनएस)। चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने गुरुवार को राजधानी पेइचिंग में संयुक्त राष्ट्र के अगले महासचिव पद की उम्मीदवार और चिली की पूर्व राष्ट्रपति मिशेल बाचेलेट से मुलाकात की।
इस दौरान मिशेल बाचेलेट ने अंतर्राष्ट्रीय स्थिति और संयुक्त राष्ट्र की भूमिका पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का एक अपरिहार्य मंच है। उनके अनुसार, आज दुनिया अव्यवस्था और अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है, इसलिए दुनिया को कम नहीं बल्कि अधिक बहुपक्षवाद की जरूरत है।
बाचेलेट ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र को सुधारों के माध्यम से अपने मूल सिद्धांतों की ओर लौटना चाहिए, संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अधिकार को बनाए रखना चाहिए और अधिक कार्रवाई-उन्मुख बनना चाहिए। उन्होंने शांति, विकास और मानवाधिकारों को संयुक्त राष्ट्र के तीन प्रमुख स्तंभ बताते हुए इनके समन्वित विकास पर जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि वह एक-चीन नीति का दृढ़ता से समर्थन करती हैं और बहुपक्षवाद तथा संयुक्त राष्ट्र के प्रति चीन के योगदान की सराहना करती हैं।
वहीं, वांग यी ने कहा कि बाचेलेट के विचार संयुक्त राष्ट्र के भविष्य और मानव प्रगति के प्रति उनकी गहरी सोच और प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि चीन हमेशा संयुक्त राष्ट्र का समर्थक और सक्रिय भागीदार रहा है। पिछले महीने वह न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करने गए थे, जहां विभिन्न पक्षों ने संयुक्त राष्ट्र की भूमिका और प्रभाव को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
वांग यी ने कहा कि चीन सुधारों के माध्यम से संयुक्त राष्ट्र को अधिक प्रभावशाली और सशक्त बनाने के लिए सभी देशों के साथ सहयोग जारी रखेगा। उन्होंने यह भी कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासचिव संगठन के सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी होते हैं और अगले महासचिव का चुनाव आने वाले 5 से 10 वर्षों में संयुक्त राष्ट्र के सुधार एवं विकास की दिशा तय करेगा। इसके साथ ही यह चुनाव सदस्य देशों, विशेषकर वैश्विक दक्षिण के देशों के हितों को भी प्रभावित करेगा। उन्होंने कहा कि चीन जिम्मेदार और रचनात्मक रवैये के साथ इस चुनाव प्रक्रिया में भाग लेगा, ताकि संयुक्त राष्ट्र की प्रतिष्ठा और सक्रियता को और मजबूत किया जा सके।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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