सैन्य उपलब्धियों को कूटनीति के जरिए और मजबूत करने की जरूरत: पेजेश्कियन

तेहरान, 11 मई (आईएएनएस)। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा है कि वो क्षेत्रीय तनाव से निपटने के लिए कूटनीतिक तरीकों को अपनाने में यकीन रखते हैं। उन्होंने 'सम्मान और राष्ट्रीय हितों' को बरकरार रखने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने ये बयान पुलिस कमांडर-इन-चीफ और वरिष्ठ फराज कमांडरों के एक समूह के साथ बैठक में दिया, जिसमें बल के प्रदर्शन पर रिपोर्ट प्रस्तुत की गई थी। इस दौरान अधिकारियों ने हालिया संघर्ष के दौरान पुलिस बल के कामकाज की रिपोर्ट राष्ट्रपति को सौंपी।

सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए (इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी) के अनुसार, उन्होंने कहा कि सशस्त्र बलों ने युद्धक्षेत्र में जो “जीत” हासिल की है, उसे कूटनीति के क्षेत्र में भी आगे बढ़ाया जाना चाहिए और "ईरानी जनता के अधिकारों को सम्मान और गौरव के साथ" स्थापित किया जाना चाहिए।

पेजेश्कियन ने गरिमा और बुद्धिमता के बल पर सब कुछ संभव करने की बात कही। उन्होंने कहा, “दुश्मन पर अविश्वास बनाए रखते हुए भी हम गरिमा, बुद्धिमत्ता और व्यावहारिकता के आधार पर बातचीत को संभव मानते हैं। यदि सर्वोच्च नेता की चिंताओं और हमारे राष्ट्रहितों को ध्यान में रखते हुए कोई समझौता होता है, तो हम अपने वादे का पालन करेंगे।”

ईरान की आगे की रणनीति पर उन्होंने कहा, “हमारे पास अब कई विकल्प हैं। या तो हम गरिमा, पूरी शक्ति और राष्ट्रीय हितों की रक्षा को लेकर बातचीत करें और ईरानी जनता के अधिकार सुनिश्चित करें, या फिर न जंग और न शांति की स्थिति में बने रहें। ये भी संभव न हो तो युद्ध और टकराव के रास्ते पर आगे बढ़ जाएं।”

उन्होंने जोर देकर कहा कि “तार्किक, व्यावहारिक और राष्ट्रीय हितों पर आधारित विकल्प यही है कि सशस्त्र बलों द्वारा युद्धक्षेत्र में हासिल की गई सफलता को कूटनीति के क्षेत्र में भी पूरा किया जाए और ईरानी जनता के अधिकारों को सम्मान और अधिकार के साथ स्थापित किया जाए।”

--आईएएनएस

केआर/

Related posts

Loading...

More from author

Loading...