सोल: राष्ट्रपति ली बोले,' स्थानीय चुनावी नतीजों को नम्रता से करूंगा स्वीकार’

सोल: राष्ट्रपति ली बोले,' स्थानीय चुनावी नतीजों को नम्रता से करूंगा स्वीकार’

सोल, 4 जून (आईएएनएस)। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने गुरुवार को कहा कि वे हाल ही में हुए स्थानीय चुनावों के नतीजों में जनता की भावना को "नम्रता से" स्वीकार करेंगे और सभी नवनिर्वाचित स्थानीय सरकारों के साथ सक्रिय सहयोग करेंगे, चाहे वो किसी भी राजनीतिक पार्टी के क्यों न हों?

राष्ट्रपति ने यह बयान सोल स्थित राष्ट्रपति कार्यालय चेओंग वा डे में वरिष्ठ सलाहकारों के साथ बैठक के दौरान दिया।

योनहाप न्यूज एजेंसी ने इसे रिपोर्ट किया। बताया कि एक दिन पहले हुए स्थानीय और संसदीय उपचुनावों में उनकी सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक पार्टी (डीपी) ने अधिकांश सीटों पर जीत हासिल की थी, लेकिन सोल मेयर का महत्वपूर्ण पद विपक्ष के हाथ में चला गया।

हालांकि डेमोक्रेटिक पार्टी ने कुछ महत्वपूर्ण क्षेत्रों जैसे बुसान में जीत दर्ज की, जो पारंपरिक रूप से रूढ़िवादी गढ़ माना जाता है।

राष्ट्रपति ली ने कहा कि चुनाव में चाहे जितनी भी राजनीतिक प्रतिस्पर्धा हो, सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों को जनता की भलाई और देश के भविष्य के लिए “साझेदार” की तरह काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार चुनाव परिणामों में व्यक्त जनमत का सम्मान करते हुए सभी स्थानीय सरकारों के साथ सहयोग करेगी।

उन्होंने राजनीतिक दलों से भी अपील की, "अब चुनाव समाप्त हो चुके हैं, इसलिए सभी को मिलकर जनता का जीवन सुधारने, क्षेत्रीय में संतुलित विकास और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने पर ध्यान देना चाहिए।"

इसी बैठक में राष्ट्रपति ने चुनाव के दौरान हुई एक बड़ी प्रशासनिक गड़बड़ी पर भी नाराजगी जताई। सोल के एक दर्जन से अधिक मतदान केंद्रों पर बैलेट पेपर की कमी के कारण मतदान कुछ समय के लिए रोकना पड़ा था, जिससे विवाद पैदा हो गया था।

राष्ट्रपति ने कहा, "लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनाव प्रबंधन सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही अस्वीकार्य है।" उन्होंने संबंधित एजेंसियों से इस गड़बड़ी की पूरी जांच करने और जरूरत पड़ने पर जवाबदेही तय करने को कहा।

इस घटना के बाद कुछ मतदान केंद्रों पर विरोध प्रदर्शन भी हुए, जहां लोगों ने चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मतगणना में बाधा डालने की कोशिश की। मुख्य विपक्षी दल 'पीपल पावर पार्टी' ने भी दोबारा मतदान की मांग की थी, जिसे चुनाव आयोग ने खारिज कर दिया।

राष्ट्रपति ली ने राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर सहयोग और पारदर्शिता पर जोर देते हुए देश में एकता और सुशासन की अपील की।

--आईएएनएस

केआर/