Pentagon US Military Update : ईरान संघर्ष में 140 अमेरिकी सैनिक घायल: पेंटागन

पेंटागन ने बताया 140 अमेरिकी सैनिक घायल, कांग्रेस ने ट्रंप से युद्ध रणनीति स्पष्ट करने को कहा।
ईरान संघर्ष में 140 अमेरिकी सैनिक घायल: पेंटागन

वाशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष को लेकर पेंटागन ने बड़ी जानकारी दी। पेंटागन ने बताया कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान से जुड़े लगातार हमलों के पहले 10 दिनों के दौरान लगभग 140 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं। सीनेट के डेमोक्रेट्स ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मध्य पूर्व में संघर्ष पर सार्वजनिक चर्चा की मांग की है।

पेंटागन के मुख्य प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने जारी संघर्ष पर एक बयान में हताहतों के आंकड़े जारी किए। पार्नेल ने आईएएनएस को दिए एक बयान में कहा कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी की शुरुआत से लेकर अब तक, 10 दिनों के निरंतर हमलों में लगभग 140 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं।

पार्नेल ने आगे कहा कि इनमें से अधिकांश चोटें मामूली हैं, और 108 सैनिक पहले ही ड्यूटी पर लौट चुके हैं। आठ सैनिक गंभीर रूप से घायल हैं और उन्हें उच्च स्तरीय चिकित्सा देखभाल दी जा रही है। पेंटागन ने चोटों की गंभीरता या हमलों के स्थान के बारे में कोई और जानकारी नहीं दी।

यह खुलासा ऐसे समय में हुआ है जब सीनेट के डेमोक्रेटिक नेता चक शूमर, सीनेट सशस्त्र सेवा समिति के वरिष्ठ सदस्य जैक रीड और सीनेट विदेश संबंध समिति की वरिष्ठ सदस्य जीन शाहीन ने सार्वजनिक चर्चा की मांग की है और ट्रंप प्रशासन से युद्ध के उद्देश्यों और दायरे के बारे में जवाब मांगा है।

अमेरिकी लॉमेकर्स ने लिखा कि लगातार बदलते लक्ष्य और स्पष्टीकरण यह दर्शाते हैं कि कोई स्पष्ट योजना नहीं है। इसके अलावा, इससे मिशन के विस्तार का खतरा बढ़ जाता है, जो इतिहास के आधार पर, संभवतः अमेरिकी सैनिकों की अधिक जानमाल की हानि और करदाताओं पर बढ़ते बोझ का कारण बनेगा। अमेरिकी जनता, जिसमें हमारे वर्दीधारी पुरुष और महिलाएं शामिल हैं, वो संघर्ष के बारे में स्पष्ट उत्तर और आपके प्रशासन से जवाबदेही के हकदार हैं।

राष्ट्रपति को लिखे पत्र में तीनों सांसदों ने कहा कि प्रशासन की रणनीति को लेकर कांग्रेस और जनता में अभी भी स्पष्टता नहीं है। पत्र में कहा गया है कि ग्यारह दिन पहले, अमेरिकी जनता ने अप्रत्याशित रूप से खुद को ईरान के साथ संघर्ष में पाया। तब से, इस संघर्ष को लेकर जनता की व्यापक चिंता के बावजूद, आपके प्रशासन ने इस युद्ध के लिए बदलते और कभी-कभी परस्पर विरोधी उद्देश्य बताए हैं, अमेरिकी अभियानों के दायरे या सफलता के मापदंडों को परिभाषित करने से इनकार कर दिया है, और एक स्पष्ट अंत योजना पेश करने में विफल रहा है।

लॉमेकर्स ने यह भी कहा कि प्रशासन सैन्य कार्रवाई से बने खतरों के लिए तैयार नहीं था। उन्होंने लिखा कि ईरान पर अमेरिकी हमले शुरू करने के समय को नियंत्रित करने की आपकी स्वयं की स्वीकारोक्ति के बावजूद, आपका प्रशासन विदेशों में हमारे कर्मियों और संपत्तियों के लिए अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से बने संभावित खतरों के लिए तैयार नहीं था। जिसकी वजह से ड्रोन और मिसाइलों से होटलों और हवाई अड्डों पर हमले के कारण हजारों अमेरिकी विदेशों में फंसे हुए हैं। राजनयिक सुविधाओं को नुकसान पहुंचा है। और दुखद रूप से, अमेरिकी सैनिकों ने अपनी जान गंवाई है।

लॉमेकर्स ने चेतावनी दी कि संघर्ष का आर्थिक प्रभाव अमेरिकी परिवारों पर पहले से ही महसूस किया जा रहा है। लॉमेकर्स के अनुसार, अमेरिका के संघर्ष को बढ़ाने के बाद से एक सप्ताह में गैस की कीमतों में लगभग 20 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है, जबकि कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से अधिक हो गई हैं, जो 2022 के बाद का उच्चतम स्तर है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि वह विदेश मंत्री मार्को रुबियो और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ सहित प्रमुख कैबिनेट अधिकारियों को कांग्रेस के सामने गवाही देने की अनुमति दें।

लॉमेकर्स ने लिखा कि सार्वजनिक सुनवाई आपकी शपथ का पालन करने, कांग्रेस को सूचित करने और उन अमेरिकी लोगों को अपने कार्यों का स्पष्टीकरण देने की दिशा में एक छोटा लेकिन महत्वपूर्ण पहला कदम होगा, जिनके बेटे-बेटियां इस संघर्ष के मोर्चे पर हैं।

बता दें कि यह संघर्ष फरवरी के अंत में अमेरिका की ओर से ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू करने के बाद शुरू हुआ। वाशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव लंबे समय से ईरान के परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय प्रभाव और मध्य पूर्व में सशस्त्र समूहों को समर्थन देने पर केंद्रित रहा है। इस तनाव के बढ़ने से वाशिंगटन और अमेरिका के सहयोगियों के बीच एक लंबे क्षेत्रीय संघर्ष के जोखिम और वैश्विक ऊर्जा बाजारों और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर इसके संभावित प्रभाव के बारे में चिंताएं बढ़ गई हैं।

--आईएएनएस

 

 

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