पाकिस्तानी रॉकेट हमलों से अफगानिस्तान के कुनार में 9,000 से अधिक परिवार विस्थापित

काबुल, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। अफगानिस्तान के कुनार प्रांत में पाकिस्तान की ओर से ड्यूरंड लाइन के पास किए गए रॉकेट हमलों के कारण 9,000 से अधिक परिवारों को अपने घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा है। स्थानीय मीडिया ने यह जानकारी दी है।

कुनार के सूचना एवं संस्कृति निदेशालय के अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित परिवारों का सर्वेक्षण किया जा रहा है, जिसमें अब तक लगभग 3,500 परिवारों का पंजीकरण किया जा चुका है। अफगानिस्तान स्थित समाचार आउटलेट एटलस प्रेस ने यह रिपोर्ट दी है।

कुनार के सूचना एवं संस्कृति विभाग के प्रमुख नजीबुल्लाह हनीफ ने बताया कि क्षेत्र में झड़पें लगातार जारी हैं और सुरक्षा कारणों से कई परिवारों को अपने घरों से पलायन करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण टीमें प्रभावित इलाकों में विस्थापित लोगों की पहचान के लिए लगातार काम कर रही हैं।

सीमावर्ती क्षेत्रों के निवासियों ने बताया कि गांव और सड़कें लगभग खाली हो चुकी हैं और केवल कुछ लोग ही अपनी संपत्ति की रक्षा के लिए वहां रुके हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि गोलाबारी के डर से बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं और कई लोग मस्जिदों में जाने से भी बच रहे हैं।

एक स्थानीय निवासी ने बताया कि मौजूदा स्थिति का बच्चों और वयस्कों दोनों पर गंभीर मनोवैज्ञानिक असर पड़ा है, जिससे उनका दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। लगातार हमलों के डर ने परिवारों की मानसिक शांति को पूरी तरह खत्म कर दिया है।

पिछले कुछ महीनों में इस्लामाबाद और काबुल के बीच तनाव काफी बढ़ गया है, खासकर पाकिस्तान द्वारा किए गए हवाई हमलों के कारण, जिनमें युद्धग्रस्त अफगानिस्तान में कई लोगों की मौत हो चुकी है।

गुरुवार को अफगानिस्तान के खोस्त प्रांत के तानी जिले के निवासियों ने आरोप लगाया कि सीमा पर जारी संघर्ष के दौरान पाकिस्तानी सैनिकों ने नागरिक घरों को निशाना बनाया।

सूत्रों के अनुसार, हिंसा से बचने के लिए कई स्थानीय लोग अपने घर छोड़कर पलायन कर रहे हैं और क्षेत्र में हताहतों की भी खबर है। अफगानिस्तान की प्रमुख समाचार एजेंसी खामा प्रेस ने बताया कि खोस्त के गुरबुज़ जिले में भी झड़पों की सूचना मिली है।

--आईएएनएस

डीएससी

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