पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा करने और हमारा साथ देने के लिए वियतनाम का आभार: पीएम मोदी

नई दिल्ली, 6 मई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुई बर्बर आतंकी हमले की निंदा करने और विषम स्थिति में भारत का साथ देने के लिए वियतनाम का आभार जताया। राष्ट्रीय राजधानी स्थित हैदराबाद हाउस में एक संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान पीएम मोदी ने इन भावनाओं को अहम बताया। सुशासन, विरासत, विकास और साझा सांस्कृतिक मूल्यों को द्विपक्षीय संबंधों का आधार बताया।

पीएम ने कहा, "तो लाम ने भारत यात्रा की शुरुआत बोधगया से की है। यह हमारे दोनों देशों की साझा सभ्यतागत और आध्यात्मिक परंपरा को दर्शाता है। उनकी इस यात्रा और हमारी सार्थक चर्चाओं से, हम आपसी सद्बाव के जरिए कई ठोस परिणामों में बदल रहे हैं।"

संयुक्त वार्ता में प्रधानमंत्री ने सभ्यतागत संबंधों और व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नए मुकाम तक ले जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा, "एक दशक पहले, मेरी वियतनाम यात्रा के दौरान, वियतनाम आसियान में भारत का पहला कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रेटेजिक पार्टनर बना था। तब से, हमारे संबंधों ने तेज और व्यापक प्रगति की है। सभ्यतागत संबंधों के साथ-साथ, हमारे ट्रेड, टेक्नोलॉजी और टूरिज्म संबंध भी और मजबूत हुए हैं।"

प्रधानमंत्री ने पूरे विश्वास के साथ कहा कि इन संबंधों को नया आकार देने के लिए हम समर्पित हैं। उन्होंने कहा कि इस मजबूत नींव पर आगे बढ़ते हुए, आज हम अपने संबंधों को एन्हांस्ड कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप के स्तर पर ले जा रहे हैं। अब हम अपनी साझेदारी को और ऊंचे लक्ष्यों की ओर अग्रसर करेंगे। कल्चर, कनेक्टिविटी और कैपेसिटी बिल्डिंग के साथ-साथ, सिक्योरिटी, सस्टेनेबिलिटी और सप्लाई चेन रेसिलिएंस - हर क्षेत्र में हमारा सहयोग नए स्तर पर पहुंचेगा।

आतंकवाद के विरुद्ध भारत का साथ देने के लिए पीएम मोदी ने वियतनाम की सरकार का आभार जताते हुए कहा, "पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा करने और आतंकवाद के विरुद्ध हमारे संघर्ष में साथ खड़े रहने के लिए हम वियतनाम के आभारी हैं। वैश्विक उथल-पुथल और आर्थिक चुनौतियों के इस दौर में, अपनी प्रतिभा, सुशासन और आर्थिक सुधार के बल पर, भारत और वियतनाम दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में उभर रहे हैं। अब हमारी इन्हांस्ड स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप के माध्यम से, हम एक-दूसरे की रैपिड ग्रोथ के सहायक बनेंगे।"

प्रधानमंत्री ने महात्मा बुद्ध की शिक्षाओं का संदर्भ लेते हुए आगे कहा कि जैसा कि बुद्ध की शिक्षाओं की भावना है कि "यदि आप किसी और के लिए दीप जलाते हैं, तो वह आपके अपने मार्ग को भी प्रकाशमान करता है।” इसी भावना के साथ, हम एक-दूसरे के विजन और गोल्स (लक्ष्यों) को सपोर्ट करते हुए, विकसित राष्ट्र बनने की अपनी आकांक्षाओं को मिलकर साकार करेंगे। हम साथ चलेंगे, साथ बढ़ेंगे, और साथ जीतेंगे।

--आईएएनएस

केआर/

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