नई दिल्ली: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को कहा कि वह मध्य-पूर्व की दिशा बदलने के अपने लक्ष्य में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुई बातचीत का जिक्र करते हुए बताया कि ईरान पर आर्थिक और सैन्य दबाव बढ़ाया जा रहा है। साथ ही लेबनान के साथ शांति प्रक्रिया अपनाने की बात कही।
बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पोस्ट में लिखा, "मैंने आपसे वादा किया था कि हम मध्य-पूर्व का चेहरा बदल देंगे और हम ठीक वैसा ही कर रहे हैं। सबसे पहले और सबसे जरूरी, ईरान के मामले में मेरी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ बहुत अच्छी बातचीत हुई है। वह ईरान पर आर्थिक और सैन्य, दोनों ही तरह से बहुत कड़ा दबाव डाल रहे हैं। हम पूरी तरह से आपसी सहयोग के साथ काम कर रहे हैं।''
नेतन्याहू ने बताया, ''हमने इजरायल और लेबनान के बीच एक ऐतिहासिक शांति स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हमारे लिए यह बिल्कुल स्पष्ट है कि हिजबुल्लाह इसमें बाधा डालने की कोशिश कर रहा है। हम किसी भी खतरे के खिलाफ, जिसमें नए उभरते खतरे भी शामिल हैं, कार्रवाई करने की अपनी पूरी आजादी बनाए हुए हैं। हमने कल भी हमला किया था और आज भी हमला किया है। हम उत्तरी क्षेत्र के निवासियों की सुरक्षा बहाल करने के लिए पूरी तरह से दृढ़-संकल्पित हैं।"
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी इजरायल और लेबनान के बीच युद्ध विराम को तीन सप्ताह के लिए बढ़ाने की घोषणा कर चुके हैं। ट्रंप ने इसे एक "ऐतिहासिक" कदम बताया और वाशिंगटन में दोनों पक्षों के बीच संभावित सीधी बातचीत का संकेत दिया।
यह फैसला ओवल ऑफिस में हुई एक बैठक के बाद सामने आया, जिसमें दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। अमेरिका में लेबनान की राजदूत नादा हमादेह मोवाद और इजरायल के राजदूत येचिएल लीटर बैठक में शामिल थे।
इजरायली राजदूत येचिएल लीटर ने कहा कि इजरायल शांति और नागरिकों की सुरक्षा चाहता है। दोनों सरकारें एकजुट हैं और हिजबुल्लाह के प्रभाव से देश को मुक्त कराना चाहती हैं।
लेबनान की राजदूत नादा हमादेह मोवाद ने अमेरिकी समर्थन का स्वागत करते हुए कहा, "आपकी मदद और समर्थन से हम लेबनान को फिर से स्थिर बना सकते हैं।
ट्रंप ने युद्धविराम के प्रयास को व्यापक क्षेत्रीय कूटनीति से जोड़ा, जिसमें ईरान से संबंधित अमेरिकी प्रयास भी शामिल हैं। उन्होंने कहा, "इजरायल-लेबनान वार्ता, उन कुछ मुद्दों की तुलना में आसान होनी चाहिए जिन पर हम काम कर रहे हैं। दोनों पक्ष एक साझा खतरे के खिलाफ एकजुट हैं।"
--आईएएनएस
