म्यांमार की नई सरकार के चीन के और करीब जाने के संकेत, रिपोर्ट में दावा

म्यांमार की नई सरकार के चीन के और करीब जाने के संकेत, रिपोर्ट में दावा

नेपीडॉ, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। म्यांमार में राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग के नेतृत्व वाली नई सरकार द्वारा पूर्व ब्रिगेडियर जनरल और चीन में पूर्व राजदूत टिन माउंग स्वे को विदेश मंत्री नियुक्त किए जाने को चीन के साथ संबंध और मजबूत करने की दिशा में बड़ा संकेत माना जा रहा है। एक रिपोर्ट में इस बात का दावा किया गया है।

म्यांमार के मीडिया आउटलेट द इरावडी में प्रकाशित लेख में स्वीडिश पत्रकार, लेखक और रणनीतिक सलाहकार बर्टिल लिंटनर ने कहा कि 1988 में हुए जनसंहार और उसके बाद अंतरराष्ट्रीय अलगाव झेलने के बाद म्यांमार की सेना ने चीन का रुख किया था। उस समय चीन पर निर्भरता इतनी बढ़ गई थी कि सैन्य शासन को पश्चिमी देशों से संबंध सुधारने के लिए देश को खोलना पड़ा।

उन्होंने कहा कि 2010 के विवादित चुनाव के बाद जल्दबाजी में उठाए गए कदमों के कारण नागरिक समाज मजबूत हुआ और नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी (एनएलडी) को दो बार भारी जीत मिली। इन चुनौतियों के जवाब में वरिष्ठ जनरल मिन आंग ह्लाइंग ने फरवरी 2021 में तख्तापलट किया, जिसके बाद पश्चिमी देशों ने फिर से प्रतिबंध और बहिष्कार शुरू कर दिया।

रिपोर्ट के अनुसार, नई सैन्य-प्रधान सरकार ने पुराने अनुभवों से सीखते हुए अपने विदेशी संबंधों में विविधता लाने की कोशिश की है। वहीं, चीन भी म्यांमार पर अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए पहले से ज्यादा रणनीतिक और सक्रिय हो गया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि एशिया के नक्शे पर नजर डालने से साफ होता है कि म्यांमार, बीजिंग के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम है। चीन एक विशाल भू-आधारित शक्ति है, जिसकी समुद्री तटरेखा अपेक्षाकृत छोटी है। निर्यात आधारित अर्थव्यवस्था के लिए बंदरगाहों तक पहुंच बेहद जरूरी है।

म्यांमार चीन के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत को छोड़कर यह उसका ऐसा पड़ोसी देश है, जो चीन को सीधे हिंद महासागर तक पहुंच देता है। इससे चीन दक्षिण चीन सागर और मलक्का जलडमरूमध्य जैसे संवेदनशील समुद्री मार्गों पर निर्भरता कम कर सकता है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि म्यांमार में इतिहास खुद को दोहरा रहा है, जहां जनता की कोई भूमिका नहीं दिख रही, जबकि सेना चीन के समर्थन से पहले से ज्यादा मजबूती से सत्ता में जमी हुई नजर आ रही है।

--आईएएनएस

डीएससी

Related posts

Loading...

More from author

Loading...