मध्य पूर्व संकट के बीच दक्षिण कोरियाई नागरिकों की कतर और जॉर्डन से सुरक्षित वापसी

सियोल, 7 मार्च (आईएएनएस)। क्षेत्रीय संकट के बाद मध्य-पूर्व के विभिन्न हिस्सों में फंसे दक्षिण कोरिया के नागरिक स्थानीय राजनयिक मिशनों की सहायता से सुरक्षित स्थानों की ओर लगातार निकाले जा रहे हैं। दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को यह जानकारी दी।

दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय के अनुसार, मध्य-पूर्व संकट के बीच क्षेत्र में फंसे दक्षिण कोरियाई नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की प्रक्रिया जारी है।

मंत्रालय ने बताया कि कतर में रह रहे 65 दक्षिण कोरियाई नागरिक मंगलवार से शुक्रवार के बीच सुरक्षित रूप से पड़ोसी देश सऊदी अरब पहुंच गए।

जॉर्डन में, जहां अभी भी वाणिज्यिक उड़ानें संचालित हो रही हैं, 41 दक्षिण कोरियाई अल्पकालिक यात्री गुरुवार से शुक्रवार के बीच यहां से रवाना हो गए। अम्मान के हवाईअड्डे पर प्रस्थान प्रक्रियाओं में सहायता के लिए जॉर्डन स्थित दक्षिण कोरियाई दूतावास ने एक सहायता टीम भी भेजी।

कुवैत में भी 14 दक्षिण कोरियाई नागरिक और एक विदेशी जीवनसाथी दूतावास की मदद से सऊदी अरब पहुंचे। उसने क्षेत्र के अन्य हिस्सों में भी दक्षिण कोरियाई नागरिकों की मदद की है। ईरान में 25 लोगों को, इजरायल में 113 लोगों को, बहरीन में 14 और इराक में पांच लोगों को पड़ोसी देशों में भेजने में मदद की गई ताकि वे अपने देश लौट सकें।

इससे पहले शुक्रवार को पिछले सप्ताह से जारी संघर्ष के बाद दुबई से पहली सीधी उड़ान के जरिए 370 से अधिक दक्षिण कोरियाई नागरिक स्वदेश लौटे।

एमिरेट्स की यह उड़ान शुक्रवार रात लगभग 8:25 बजे इंचियोन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंची, जिसमें 372 दक्षिण कोरियाई नागरिक शामिल थे। यह ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू होने के बाद दुबई से इंचियोन के लिए पहली सीधी वाणिज्यिक उड़ान थी।

दक्षिण कोरिया ने पहले बताया था कि उसने यूएई सरकार के साथ समन्वय कर सीधे उड़ानों के जरिए मध्य-पूर्व से दक्षिण कोरियाई नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की।

वर्तमान में मध्य-पूर्व के 14 देशों में लगभग 18,000 दक्षिण कोरियाई नागरिक मौजूद हैं। इनमें से 4,900 अल्पकालिक यात्री हैं और करीब 3,500 लोग उड़ानों के रद्द होने के कारण फंसे हुए हैं।

एयरपोर्ट पर लौटने वाले यात्रियों ने अपने परिवार के सदस्यों को गले लगाया और कई लोग राहत के आंसू पोंछते दिखाई दिए, क्योंकि उन्होंने कई दिनों की अनिश्चितता के बाद सुरक्षित घर वापसी की।

कुछ यात्रियों ने बताया कि उन्होंने ड्रोन हमलों को रोकने की कार्रवाई और बमबारी के दौरान तेज धमाकों की आवाजें भी सुनी थीं।

--आईएएनएस

जेके/पीयूष

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