लंदन में यहूदियों की चार एम्बुलेंस को किया आग के हवाले, पुलिस ने एंटी-सेमिटिज्म का शक जताया

लंदन, 23 मार्च (आईएएनएस)। उत्तरी लंदन के गोल्डर्स ग्रीन इलाके में एक यहूदी समुदाय की आपातकालीन सेवा की चार एम्बुलेंस में आग लगा दी गई। स्थानीय मीडिया की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, पुलिस इस घटना को यहूदी विरोधी नफरती अपराध मान रही है।

आग लगने की खबर मिलने के बाद सोमवार (स्थानीय समयानुसार) सुबह करीब 1.45 बजे मेट्रोपॉलिटन पुलिस के अधिकारियों को हाईफील्ड रोड पर बुलाया गया। द गार्डियन के मुताबिक, अधिकारियों ने बाद में पुष्टि की है कि इस घटना की जांच एक लक्षित नफरती अपराध के तौर पर की जा रही है।

लंदन फायर ब्रिगेड ने कहा कि आग पर काबू पाने के लिए छह फायर इंजन और करीब 40 फायरफाइटर लगाए गए, जिससे चार गाड़ियों को नुकसान हुआ।

अधिकारियों ने आगे कहा कि आग लगने के दौरान एम्बुलेंस के अंदर कई सिलेंडर फट गए, जिससे पास की एक आवासीय बिल्डिंग की खिड़कियां टूट गईं। शुरुआती कार्रवाई में किसी के घायल होने की खबर नहीं है।

इलाके में पुलिसिंग की देखरेख करने वाली सुपरिंटेंडेंट सारा जैक्सन ने कहा, "हम जानते हैं कि इस घटना से लोगों में बहुत चिंता होगी और अधिकारी तुरंत जांच करने के लिए मौके पर मौजूद हैं।"

द गार्डियन के मुताबिक, जैक्सन ने कहा, "हम सीसीटीवी की जांच कर रहे हैं और हमें ऑनलाइन फुटेज के बारे में पता है। हमें लगता है कि हम इस शुरुआती दौर में तीन संदिग्धों की तलाश कर रहे हैं।"

उन्होंने आगे कहा, "अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है, और हम किसी से भी अपील करेंगे कि अगर उसके पास कोई जानकारी है तो वह जल्द से जल्द हमसे संपर्क करे; अगर आप चाहें तो बिना नाम बताए भी ऐसा कर सकते हैं।"

जैक्सन ने आगे बताया कि पुलिस इलाके में अपनी मौजूदगी बढ़ाएगी। उन्होंने कहा, "हम धार्मिक नेताओं से बात करेंगे और स्थानीय इलाके में और पेट्रोलिंग करेंगे ताकि भरोसा दिलाया जा सके और लोगों की मौजूदगी साफ तौर पर दिखे।"

स्थानीय निगरानी समूह शोमरिम के अनुसार, सोमवार तड़के उन्हें जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। शोमरिम ने कहा, "धमाके ऑक्सीजन टैंक की वजह से हुए थे, बम या एक्सप्लोसिव डिवाइस की वजह से नहीं। हालांकि कुछ बिल्डिंग खाली करा ली गई हैं, लेकिन किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। जब तक जांच चल रही है, कृपया उस इलाके से बचें।"

स्थानीय काउंसलर डीन कोहेन घटनास्थल पर स्थिति का जायजा लेने के लिए पहुंचे थे। हालात का जायजा लेने के बाद उन्होंने कहा कि इस घटना से वहां के लोग बहुत परेशान हैं।

उन्होंने बताया कि "सिनेगॉग के कार पार्क में हुआ हमला बहुत डरावना है और ब्रिटेन में यहूदी विरोधी घटनाओं को लेकर पहले से ही बढ़े डर के समय में हमारे समुदाय के बीच और सदमा देगा।"

बता दें, यह घटना पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बाद बढ़े वैश्विक तनाव के बीच हुई है। इसकी शुरुआत 28 फरवरी को तेहरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद हुई और बढ़ गई थी।

ईरान के खिलाफ इजरायल और अमेरिका के हमलों को कई ईरानियों ने समर्थन किया, वहीं इसे लेकर लंदन में भी बड़े पैमाने पर प्रोटेस्ट भी हुए। इससे पहले शनिवार को, हजारों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए। ये प्रदर्शनकारी ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायली सैन्य एक्शन का विरोध करते हुए पूरे यूरोप में हो रहे विरोध की बड़ी लहर में शामिल हो गए।

लंदन में शनिवार को रसेल स्क्वायर से व्हाइटहॉल तक प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने मार्च किया। इस दौरान प्रदर्शनकारी बैनर लहराते हुए और हमलों की आलोचना करते हुए नारे लगा रहे थे।

बाद में इसी दिन एक रैली में हिस्सा लेने वालों ने तुरंत सीजफायर और मिडिल ईस्ट में विदेशी दखल खत्म करने की मांग की। एक प्रदर्शनकारी मरियम के हाथ में "ईरान पर जंग रोको" लिखा एक साइन था। मरियम ने ईरान के खिलाफ इस ऑपरेशन को एपिक फ्यूरी नाम देने के लिए अमेरिका की जमकर आलोचना की और इसे पूरी तरह से फेल अभियान बताया।

उन्होंने कहा, "कोई विदेशी दखल नहीं। मिडिल ईस्ट से हाथ हटाओ और बमबारी बंद करो। लोगों को शांति से रहने का हक है। आप लोगों पर बमबारी करके लोकतंत्र नहीं ला सकते।"

बर्मिंघम से आए एक अन्य प्रदर्शनकारी एड्रियन ने ईरान पर हुए हमलों को “पूरी तरह से निंदनीय” और “सच कहें तो बेहद थकाने वाला” बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि इस हमले की वजह से होने वाले असर के तौर पर तेल की बढ़ती कीमतें और वैश्विक असुरक्षा आदि के रूप में पहले से ही महसूस किए जा रहे हैं।

--आईएएनएस

केके/एएस

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