खाड़ी देशों के साथ बढ़ा रहे सहयोग, हमारे सभी नाविक सुरक्षित: केंद्र सरकार

नई दिल्ली, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। पश्चिम एशिया में दो हफ्ते के अस्थायी संघर्ष विराम के बीच भारत सरकार ने अपने नागरिकों के कल्याण हेतु सकारात्मक प्रयास जारी रखे हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर खाड़ी देशों के साथ लगातार संपर्क साधा जा रहा है। वहीं परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अनुसार खाड़ी देशों में मौजूद हमारे नाविक सुरक्षित हैं।

सोमवार को पश्चिम एशिया घटनाक्रमों पर अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग के दौरान केंद्र की ओर से उठाए जा रहे कदमों का उल्लेख किया।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री के निर्देशों के अनुसार हम खाड़ी देशों के साथ अपने संपर्क और सहयोग को और मजबूत कर रहे हैं। इसी क्रम में, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 11 से 12 अप्रैल 2026 तक संयुक्त अरब अमीरात का दौरा किया।

उन्होंने कूटनीतिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री ने यूएई के राष्ट्रपति से मुलाकात की। उन्हें प्रधानमंत्री की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं दीं और देश में भारतीय समुदाय के कल्याण सुनिश्चित करने के लिए उनका धन्यवाद किया। उन्होंने भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ करने के लिए उनके मार्गदर्शन के प्रति भी आभार व्यक्त किया।

रणधीर जायसवाल आगे बोले, "11 अप्रैल को विदेश मंत्री ने क्राउन प्रिंस, उप प्रधानमंत्री, और रक्षा मंत्री से मुलाकात की और भारतीय प्रवासियों के लिए किए जा रहे कल्याण कार्यों के प्रति आभार जताया। एस. जयशंकर प्रवासी भारतीयों से भी मिले, उनसे बातचीत की, और बताया कि इस कठिन समय में भारत सरकार उनकी मदद को तत्पर है।

वहीं, पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने कहा कि, वर्तमान में पर्शियन गल्फ क्षेत्र में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। पिछले 24 घंटों में भारतीय ध्वज वाले या भारतीयों से जुड़े किसी भी जहाज से संबंधित कोई अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

उन्होंने बताया कि भारतीय ध्वज वाला एलपीजी पोत “जग विक्रम” 12 अप्रैल को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सुरक्षित रूप से पार कर चुका है। इस पोत पर करीब 20,400 मीट्रिक टन की एलपीजी लदी हुई है, और इसमें 24 भारतीय नाविक सवार हैं। पोत के 14 अप्रैल को कांडला पहुंचने की संभावना है।

--आईएएनएस

केआर/

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