![]()
कुवैत, 1 जून (आईएएनएस)। कुवैत में सोमवार को मिसाइल और ड्रोन हमलों को लेकर अलर्ट जारी किया गया। सभी नागरिकों से अनुरोध किया गया कि वो सेना की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। इसकी जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए दी गई। अमेरिका के ईरानी द्वीप पर हमले और आईआरजीसी की जवाबी कार्रवाई के बीच कुवैत से ये खबर आई।
कुवैत आर्मी ने एक्स पर एक बयान जारी किया। जिसके मुताबिक, कुवैत के एयर डिफेंस सिस्टम ने मिसाइलों और ड्रोन को नष्ट करने का काम किया है।
सेना के जनरल स्टाफ ने कहा कि अगर विस्फोट की आवाजें सुनाई दें, तो लोग समझ लें कि ये वायु रक्षा प्रणालियों की इंटरसेप्शन की वजह से हो रहा है।
इसके साथ ही अपील की कि वे सुरक्षा एजेंसियों की ओर से जारी सुरक्षा और सावधानी संबंधी निर्देशों का पालन करें।
सोमवार को अमेरिका और ईरान के बीच टकराव की जानकारी दोनों ओर से दी गई। अमेरिकी सेंट्रल कमांड, यानी सेंटकाम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपनी कार्रवाई का लेखा-जोखा दिया, जिसमें कहा गया कि उसने ईरान के गोरुक शहर और केश्म द्वीप पर आत्मरक्षा में हमले किए हैं। बयान में कहा गया कि यह कार्रवाई ईरान की आक्रामक गतिविधियों के जवाब में की गई। अमेरिका ने आरोप लगाया कि ईरान ने इससे पहले अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में एक एमक्यू1 ड्रोन को गिराया था।
सेंटकाम के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, एक ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन और दो वन-वे अटैक ड्रोन नष्ट किए। दावा है कि ये ड्रोन क्षेत्रीय समुद्री रास्तों से गुजर रहे जहाजों के लिए खतरा पैदा कर रहे थे।
इसके बाद इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स, यानी आईआरजीसी ने दावा किया कि उसने अमेरिका की तरफ से हमले के लिए इस्तेमाल हुए एयरबेस को निशाना बनाया है। यह वही बेस है जहां से अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान के सीरिक द्वीप के टेलीकॉम टावर पर हमला किया था। हालांकि, आईआरजीसी ने यह नहीं बताया कि यह एयरबेस कुवैत में है या किसी और जगह पर है।
--आईएएनएस
केआर/