कोरियाई प्रायद्वीप और परमाणु मुद्दों पर दक्षिण कोरिया-अमेरिका की अहम चर्चा

सियोल, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। दक्षिण कोरिया और अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारियों ने कोरियाई प्रायद्वीप की स्थिति और वैश्विक निरस्त्रीकरण और परमाणु प्रसार रोकने से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा की। यह जानकारी सियोल के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को दी।

मंत्रालय के मुताबिक, दक्षिण कोरिया के उप विदेश मंत्री (कूटनीतिक रणनीति और खुफिया) जियोंग योन-डू ने अमेरिका के विदेश विभाग में आर्म्स कंट्रोल और नॉन-प्रोलिफरेशन ब्यूरो के सहायक सचिव क्रिस्टोफर येव से न्यूयॉर्क में मंगलवार (अमेरिकी समय) को मुलाकात की। यह बैठक परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) सम्मेलन के दौरान हुई।

योनहाप समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, मंत्रालय ने बताया, “दोनों पक्षों ने कोरियाई प्रायद्वीप की स्थिति और निरस्त्रीकरण और अप्रसार से जुड़े अहम मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। दोनों ने माना कि मौजूदा समय में जब इन क्षेत्रों में कई जटिल चुनौतियां हैं, तो आपसी तालमेल बहुत जरूरी है। उन्होंने एनपीटी समीक्षा सम्मेलन के दौरान मिलकर काम करने पर सहमति जताई।”

जियोंग ने यूक्रेन के उप विदेश मंत्री ओलेक्जेंडर मिशचेंको से भी अलग से बातचीत की। इस दौरान दोनों ने द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय हालात पर चर्चा की।

जियोंग ने बताया कि दक्षिण कोरिया सरकार यूक्रेन की मदद जारी रखे हुए है, जिसमें मानवीय संकट से निपटना और पुनर्निर्माण में सहयोग देना शामिल है।

मिशचेंको ने इसके लिए धन्यवाद जताया और उम्मीद जताई कि दोनों देश द्विपक्षीय और बहुपक्षीय स्तर पर आगे भी सहयोग जारी रखेंगे।

मंत्रालय के अनुसार, दोनों पक्षों ने अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवीय सिद्धांतों के तहत यूक्रेन में उत्तर कोरियाई युद्धबंदियों के मुद्दे को सुलझाने के लिए साथ काम जारी रखने पर सहमति जताई।

जियोंग ने संयुक्त राष्ट्र के राजनीतिक और शांति निर्माण मामलों के विभाग, संयुक्त राष्ट्र निरस्त्रीकरण कार्यालय और ऑस्ट्रेलिया, वियतनाम, नीदरलैंड और स्वीडन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भी अलग-अलग बैठकें कीं। इन बैठकों में सहयोग बढ़ाने और लंबित मुद्दों पर चर्चा हुई।

इससे पहले मार्च में दक्षिण कोरिया और अमेरिका की सेनाओं ने योनचॉन सीमा क्षेत्र में नदी पार करने का संयुक्त अभ्यास किया था। यह उनका सालाना वसंतकालीन अभ्यास है, जिसका मकसद दोनों देशों की सेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाना है।

यह अभ्यास उसी समय हुआ जब उत्तर कोरिया ने पूर्वी सागर की ओर करीब दस बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। माना जा रहा है कि यह कदम सियोल-वॉशिंगटन के संयुक्त सैन्य अभ्यास के जवाब में ताकत दिखाने के लिए उठाया गया।

यह ट्रेनिंग सियोल से करीब 50 किलोमीटर उत्तर में स्थित येओनचियोन के इम्जिन नदी पर हुई। इसमें करीब 200 तरह के उपकरण शामिल थे, जैसे केएम-3 एम्फीबियस ब्रिजिंग वाहन और रिबन ब्रिज सिस्टम।

यह अभ्यास ‘फ्रीडम शील्ड’ नाम के कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य दोनों देशों की संयुक्त रक्षा क्षमता को मजबूत करना है।

इसमें दक्षिण कोरिया की कैपिटल मैकेनाइज़्ड इन्फैंट्री डिवीजन और 7वीं इंजीनियर ब्रिगेड के करीब 700 सैनिकों ने हिस्सा लिया, साथ ही अमेरिका के 2nd इन्फैंट्री डिवीजन' की 'स्ट्राइकर ब्रिगेड कॉम्बैट टीम' ने भी हिस्सा लिया।

--आईएएनएस

एवाई/डीकेपी

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