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टोक्यो, 3 मई (आईएएनएस)। जापान के उत्तर-पूर्वी हिस्से में लगी भीषण जंगल की आग 11 दिनों बाद काबू में आई। स्थानीय अधिकारियों और फायर एजेंसी के अनुसार, इस आग में 1,633 हेक्टेयर क्षेत्र जलकर खाक हो गया, जो पिछले 30 वर्षों में दूसरी सबसे बड़ी घटना बताई जा रही है।
जल कर खाक हुआ इलाका न्यूयॉर्क शहर के सेंट्रल पार्क के आकार से लगभग पांच गुना बड़ा है।
जापानी न्यूज एजेंसी क्योदो के अनुसार, आग 22 अप्रैल को ओत्सुची (इवाते प्रीफेक्चर) में शुरू हुई थी। अग्नि एवम् आपदा प्रबंधन एजेंसी के मुताबिक, इस दौरान कुल आठ इमारतें भी जलकर नष्ट हो गईं।
ओत्सुची के मेयर कोजो हिरानो ने कहा, “फायर अधिकारियों के साथ मौके का दौरा करने के बाद हमें सूचित किया गया कि स्थिति को अब ‘कंट्रोल में’ माना जा सकता है।” फायर अधिकारियों के साथ इलाके का दौरा करने के बाद उन्हें “बताया गया कि… आग पर काबू पा लिया गया है।"
उन्होंने आग पर काबू पाने का क्रेडिट हवाई और जमीनी फायरफाइटिंग ऑपरेशन के साथ-साथ भारी बारिश को दिया। हालांकि उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अभी भी सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि कहीं-कहीं अंगारे बचे हो सकते हैं।
क्षेत्र में लगातार बारिश होने के बाद हालात में सुधार आया और इस सप्ताह की शुरुआत में लोगों के लिए जारी किए गए निकासी आदेश भी हटा लिए गए।
गौरतलब है कि पिछले साल भी इवाते प्रीफेक्चर के ओफुनातो में जंगल की आग लगी थी (2,600 हेक्टेयर), जिसे जापान के जंगल में लगी दूसरे सबसे बड़ी आग की घटना माना गया। इससे पहले 1975 में होक्काइडो के उत्तरी द्वीप कुशिरो में 2,700 हेक्टेयर जमीन आग की भेंट चढ़ गई थी। वहीं वैज्ञानिक इसे क्लाइमेट चेंज को मानते हैं। जिनका मानना है कि ड्राई वींटर्स की मियाद लंबी होती है और इस दौरान सूखे से जंगल में आग लगने का खतरा बढ़ जाता है।
--आईएएनएस
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