जोजिला टनल से भारतीय सेना के ऊपर कम होगा दबाव, भारत को होंगे रणनीतिक फायदे: मेजर जनरल ध्रुव कटोच

जोजिला टनल से भारतीय सेना के ऊपर कम होगा दबाव, भारत को होंगे रणनीतिक फायदे: मेजर जनरल ध्रुव कटोच

नई दिल्ली, 9 जून (आईएएनएस)। देश की सबसे लंबी और सबसे चुनौतीपूर्ण जोजिला टनल का मंगलवार को ब्रेकथ्रू होने जा रहा है। इसके बाद यह टनल दोनों छोर से मिल जाएगा और आर-पार खुल जाएगी, जिसके बाद इसके जरिए आवाजाही शुरू होगी। टनल के ब्रेकथ्रू को लेकर मेजर जनरल ध्रुव कटोच (सेवानिवृत्त) ने कहा कि यह रणनीतिक दृष्टि से भारतीय सेना को काफी फायदा पहुंचाने वाला है। भारतीय सेना के ऊपर दबाव कम होगा।

मेजर जनरल ध्रुव कटोच (सेवानिवृत्त) ने कहा, "इस महीने जोजिला टनल हमेशा के लिए खुल गया है। ये देश के लिए बड़ी बात है। केवल रणनीतिक तौर पर ही नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए भी बहुत जरूरी है। रणनीतिक तौर पर देखें, सर्दियों में जोजिला में इतनी बर्फबारी होती थी कि लद्दाख कटऑफ हो जाता था और सड़कों को क्लियर करने में काफी परेशानी होती थी। टनल नीचे से चला गया है, ऐसे में बर्फ की वजह से रास्ता ब्लॉक होने या सड़क क्लियर करने का सवाल ही नहीं है।"

जोजिला टनल के रणनीतिक फायदों के बारे में मेजर जनरल ध्रुव कटोच (सेवानिवृत्त) ने कहा, "भारतीय सेना को छह महीने की स्टॉकिंग पहले से करनी पड़ती थी। अब इस प्रकार की दिक्कत नहीं है। अब टनल है। अब कोई खास जरूरत की चीजें चाहिए होगी, तो रोड के जरिए खासतौर से लेह कार्गिल और लद्दाख श्रीनगर से 24*7 एक-दूसरे के साथ जुड़े हैं। रणनीतिक तौर पर खासतौर से सेना के लिए ये बहुत फायदेमंद है, क्योंकि अब पूरे साल ट्रूप मूवमेंट, राशन, लॉजिस्टिक सप्लाई, हथियार ये सभी चलते रहेंगे। ईस्ट लद्दाख में चीन के साथ हमारे जो तनाव चल रहे हैं, इस टनल के खुलने से काफी हद तक दबाव भारतीय सेना के ऊपर से कम हो जाएगा।"

सिप्री की रिपोर्ट को लेकर उन्होंने कहा, "रिपोर्ट में जो रक्षा खर्च की बात की जा रही है, वो तकरीबन सही होगी। परमाणु को लेकर टिप्पणी करना सही नहीं है; ये बहुत गोपनीय बात है। भारत का रक्षा खर्च पहले से ही भारी था, क्योंकि चीन और पाकिस्तान के साथ हमारे खतरनाक सीमाएं हैं। तीसरा, समुद्री चुनौतियां भी बहुत हैं। जब भारत अपनी तरफ देखता है और हमारी जनसंख्या पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा है, तो उस लिहाज से हमारा रक्षा खर्च उतना ज्यादा नहीं है, लेकिन हमारी जरूरत के मुताबक ये सही है।"

--आईएएनएस

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