लेबनान: भारतीय सेना की बटालियन के योगदान को यूएनआईएफआईएल ने दिया सम्मान

दक्षिण लेबनान में भारतीय शांति सैनिकों को यूएन मिशन में मिला सम्मान
लेबनान: भारतीय सेना की बटालियन के योगदान को यूएनआईएफआईएल ने दिया सम्मान

बेरूत: लेबनान में संयुक्त राष्ट्र मिशन के तहत तैनात भारतीय सेना की बटालियन आईएनडीबीएटीटी XXVI को उसके आसाधारण सेवा भाव के लिए सम्मानित किया गया। शांति सेना की इस टुकड़ी की तैनाती दक्षिण लेबनान में है।

लेबनान में भारत के राजदूत नूर रहमान शेख ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए सेना की कोशिशों को मिले सम्मान की झलक दिखाई। रहमान शेख ने दक्षिणी लेबनान में आयोजित आईएनडीबीएटीटी XXVI के मेडल्स डे परेड में भाग लिया और कर्नल एन. ग्लैडसन के नेतृत्व वाले 4 ग्रिनेडियर्स इंफैंट्री बटालियन ग्रुप (आईएनडीबीएटीटी XXVI) को हार्दिक बधाई दी।

बटालियन इजरायली हमले में सबसे ज्यादा निशाने पर लिए जा रहे दक्षिण लेबनान में तैनात है। अत्यंत चुनौतीपूर्ण और शत्रुतापूर्ण वातावरण में एक वर्ष की तैनाती के दौरान दूसरी बार प्रतिष्ठित संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल ( यूएनआईएफआईएल) के मिशन प्रमुख और फोर्स कमांडर के प्रशस्ति पत्र से सम्मानित होकर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की।

यह सम्मान सेक्टर ईस्ट कमांडर, एंटोनियो आर बर्नाल मार्टिन ने प्रदान किया। यह बटालियन की असाधारण पेशेवर क्षमता, उत्कृष्ट संचालन कौशल और मिशन के प्रति अटूट समर्पण की मान्यता में दिया गया।

आईएनडीबीएटीटी XXVI (मद्रास रेजिमेंट) का मुख्य कार्य संघर्ष को रोकना, गश्त करना और स्थानीय आबादी को जरूरत के अनुसार चिकित्सा और मानवीय सहायता प्रदान करना है। इस बटालियन में 'महिला सहभागिता टीम' (एफईटी) भी शामिल है।

इजरायल-हिजबुल्लाह संघर्ष को देखते हुए क्षेत्र में भारी तनाव बना हुआ है। भारतीय सैनिक सीधे तौर पर इसका हिस्सा नहीं हैं, लेकिन वे बंकरों और बख्तरबंद गाड़ियों के जरिए सतर्कता बरतते हुए अपने काम को अंजाम देते हैं। पिछले साल कृषक समुदाय को उत्कृष्ट पशु चिकित्सा सहायता और जीवन-रक्षक सुविधाएं प्रदान करने के लिए लेबनान के कृषि मंत्रालय ने उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया था।

--आईएएनएस

केआर/

 

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