कोलंबो: भारत ने अपने निरंतर मानवीय सहयोग के तहत शुक्रवार को श्रीलंका को दो बीएचआईएसएम (भारत हेल्थ इनिशिएटिव फॉर सहयोग हित और मैत्री) क्यूब सौंपे। यह कदम भारत की ‘आरोग्य मैत्री’ पहल के तहत उठाया गया है।
ये आधुनिक पोर्टेबल मेडिकल यूनिट हैं, जिनमें एक साथ करीब 200 आपातकालीन मामलों को संभालने की क्षमता है। इनमें जरूरी दवाइयां और छोटे ऑपरेशन के लिए सर्जिकल उपकरण भी मौजूद हैं, ताकि तुरंत इलाज दिया जा सके।
इसके साथ ही भारत अपनी समुद्री सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करते हुए श्रीलंका नौसेना को 50,000 राउंड नौ मिमी गोलियां भी सौंपेगा।
ये मेडिकल यूनिट भारतीय नौसेना के जहाज आईएनएस निरीक्षक के जरिए पहुंचाई गईं, जो 21 अप्रैल को कोलंबो बंदरगाह पर पहुंचा था। यह जहाज चौथे द्विपक्षीय डाइविंग अभ्यास में हिस्सा लेने आया है, जो 27 अप्रैल तक चलेगा। आईएनएस निरीक्षक भारतीय नौसेना का एक डाइविंग सपोर्ट और सबमरीन रेस्क्यू जहाज है।
भारतीय नौसेना के अनुसार, इन-एसएलएन डाइविंग एक्सरसाइज भारत और श्रीलंका के बीच गहरे समुद्री सहयोग का एक अहम हिस्सा है। यह दोनों देशों की साझेदारी, भरोसे और मिलकर काम करने की भावना को दिखाता है। यह सहयोग हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता, आपसी विकास और सुरक्षा को बढ़ावा देने के लक्ष्य से किया जा रहा है, जिसे 'महासागर' (क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए आपसी और समग्र उन्नति) विजन के तहत आगे बढ़ाया जा रहा है।
कोलंबो में चल रही यह एक्सरसाइज दोनों देशों के बीच मजबूत समुद्री सहयोग और पेशेवर तालमेल को और मजबूत कर रही है।
भारतीय नौसेना के प्रवक्ता ने कहा कि समुद्र के नीचे किए गए मिक्स्ड-गैस डाइव्स में दोनों देशों के गोताखोरों ने बेहतरीन तालमेल, कौशल और सटीकता दिखाई।
इसके अलावा, गोताखोरों ने डाइविंग के बाद एक दोस्ताना वॉलीबॉल मैच भी खेला। साथ ही दोनों देशों के गोताखोरों ने मिलकर बीच की सफाई भी की, जिससे समुद्र और तटों को साफ रखने का संदेश दिया गया।
--आईएएनएस
