India Kenya Relations : उच्चायुक्त डॉ. आदर्श स्वैका ने केन्या में राजनयिक प्रशिक्षण में भारत-केन्या सहयोग की मजबूती पर की चर्चा

भारत-केन्या के बीच कूटनीतिक और न्यायिक सहयोग को नई गति देने पर जोर
उच्चायुक्त डॉ. आदर्श स्वैका ने केन्या में राजनयिक प्रशिक्षण में भारत-केन्या सहयोग की मजबूती पर की चर्चा

नई दिल्ली: केन्या में भारत के उच्चायुक्त डॉ. आदर्श स्वैका ने हाल ही में महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय मुलाकातें कीं। उन्होंने फॉरेन सर्विस एकेडमी के डायरेक्टर जनरल पैट्रिक वामोटो से राजनयिक प्रशिक्षण में सहयोग और क्षमता निर्माण पर चर्चा की। साथ ही केन्या के सुप्रीम कोर्ट की चीफ जस्टिस और प्रेसिडेंट माननीय जस्टिस मार्था कूमे से भी भेंट की।

केन्या में भारत के उच्चायुक्त डॉ. आदर्श स्वैका ने फॉरेन सर्विस एकेडमी के डायरेक्टर जनरल, पैट्रिक वामोटो से मुलाकात की। इस मुलाकात का मुख्य विषय राजनयिक प्रशिक्षण में सहयोग को मजबूत करना था, जिसमें क्षमता निर्माण और बेहतरीन कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान के लिए सुषमा स्वराज इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन सर्विस, मिनिस्ट्री ऑफ एक्सटर्नल अफेयर्स, इंडिया और एकेडमी के बीच सहयोग शामिल है।

इसके अलावा, केन्या में भारत के उच्चायुक्त डॉ. आदर्श स्वैका ने केन्या के सुप्रीम कोर्ट की चीफ जस्टिस और प्रेसिडेंट, माननीय जस्टिस मार्था कूमे से भी मुलाकात की।

माननीय चीफ जस्टिस ने दोनों देशों की न्यायपालिकाओं के बीच उच्चतम स्तर पर होने वाले लगातार आदान-प्रदान की सराहना की, जिसमें 2023 और 2025 में उनकी भारत यात्राएं भी शामिल हैं। उन्होंने अपने फैसलों में भारतीय केस लॉ और न्यायशास्त्र के संदर्भों का भी जिक्र किया। उन्होंने न्यायिक बेहतरीन कार्यप्रणालियों, ज्ञान-साझाकरण और क्षमता निर्माण के क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग के अवसरों पर चर्चा की।

हाई कमिश्नर ने केन्या में भारतीय मूल के न्यायविदों की मजबूत विरासत के प्रति अपनी प्रशंसा व्यक्त की। इनमें माननीय जस्टिस चुन्नीलाल मदन और माननीय जस्टिस अब्दुल मजीद कॉकर शामिल हैं, जिन्होंने केन्या में चीफ जस्टिस के सर्वोच्च पद को सुशोभित किया, जो दोनों देशों के लोगों के बीच मजबूत और स्थायी संबंधों को दर्शाता है।

डॉ. आदर्श स्वैका ने 2 अक्टूबर 2025 को केन्या में भारत के उच्चायुक्त और यूएनईपी एवं यूएन-हैबिटेट में स्थायी प्रतिनिधि के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। वे दिसंबर 2022 से सितंबर 2025 तक कुवैत में भारत के राजदूत रहे। वे 2015 से 2019 तक बांग्लादेश में भारत के उप उच्चायुक्त रहे। उनकी अन्य विदेशी नियुक्तियों में मॉस्को (2004-2006), सोफिया (2006-2009), और बीजिंग (2009-2012) में कार्यभार शामिल हैं।

संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक प्रभाग (यूएनईएस) में निदेशक/उप सचिव के रूप में नई दिल्ली में अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने विभिन्न संयुक्त राष्ट्र/बहुपक्षीय सम्मेलनों/वार्ता में भारत का प्रतिनिधित्व किया और 2015 के बाद के विकास एजेंडा/एसडीजी और पेरिस जलवायु परिवर्तन समझौते के लिए भारतीय वार्ता दल का हिस्सा थे।

--आईएएनएस

 

 

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