वॉशिंगटन, 4 जून (आईएएनएस)। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने उन खबरों को खारिज कर दिया है जिनमें दावा किया गया था कि पाकिस्तान ने अमेरिका को एक संदेश भेजकर चेतावनी दी थी कि अगर मौजूदा संघर्ष और बढ़ा, तो ईरान अपनी परमाणु क्षमता का प्रदर्शन कर सकता है। रुबियो ने साफ कहा कि ट्रंप प्रशासन तक ऐसा कोई संदेश नहीं पहुंचा था।
यह मामला बुधवार (स्थानीय समयानुसार) को हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी की सुनवाई के दौरान सामने आया। प्रतिनिधि स्कॉट पेरी ने रुबियो से पूछा कि क्या पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से यह संदेश दिया था कि यदि तनाव और बढ़ता है, तो ईरान परमाणु हथियार होने का प्रदर्शन करने के लिए तैयार है। ऐसी खबरें सार्वजनिक रूप से सामने आई हैं।
इस पर रुबियो ने दावे को नकार दिया।
उन्होंने कहा, “मैंने ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं देखी है और मुझे ऐसे किसी संदेश की जानकारी भी नहीं है।”
जब पेरी ने दोबारा सवाल किया और मीडिया रिपोर्टों का हवाला दिया, तब भी रुबियो ने इस बात से खुद को अलग रखा।
उन्होंने कहा, “अगर ऐसा कोई संदेश भेजा गया होता, तो मुझे हैरानी होती। अगर ऐसा हुआ होता, तो मुझे इसकी जानकारी जरूर होती।”
यह बातचीत उस समय हुई जब कांग्रेस में ईरान के साथ चल रही बातचीत को लेकर भी सवाल पूछे जा रहे थे। कई महीनों के सैन्य तनाव के बाद अमेरिका एक नए समझौते की कोशिश कर रहा है, जिसका उद्देश्य ईरान की परमाणु गतिविधियों पर सीमाएं तय करना है।
पेरी ने यह भी पूछा कि अगर कूटनीतिक बातचीत विफल हो जाती है और ईरान परमाणु क्षमता का प्रदर्शन करने या परीक्षण करने की धमकी देता है, तो प्रशासन की प्रतिक्रिया क्या होगी।
रुबियो ने कहा कि ऐसा कदम ईरान की मंशा को लेकर पहले से मौजूद चिंताओं को सही साबित करेगा। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि इससे वही साबित होगा जो हम पहले से उनके बारे में मानते रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में राष्ट्रपति को दूसरे विकल्पों पर विचार करना पड़ सकता है।
रुबियो ने कहा, “मुझे लगता है कि तब राष्ट्रपति को इस परिस्थिति में उपलब्ध दूसरे विकल्पों पर आगे बढ़ना होगा या कम से कम उन पर गंभीरता से विचार करना होगा।”