ग्लोबल जीडीपी में भारत को बढ़त, चीन ने कहा- वैश्विक विकास में करीब आधे के हिस्सेदार होंगे दोनों देश

नई दिल्ली, 7 मार्च (आईएएनएस)। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने हाल ही में वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) को लेकर ग्लोबल रियल जीडीपी ग्रोथ 2026 रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट के अनुसार, चीन और भारत मिलकर जीडीपी में अमेरिका को पछाड़ता हुआ नजर आ रहे हैं। आईएमएफ की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत और चीन अकेले मिलकर विश्व के 43.6 फीसदी जीडीपी ग्रोथ का हिस्सा हैं।

इसके अलावा, एशिया-पैसिफिक की हिस्सेदारी कुल ग्रोथ का 50 फीसदी पहुंचने की उम्मीद है। वहीं इस रिपोर्ट में अकेले चीन का जीडीपी ग्रोथ 26.6 फीसदी और भारत का 17 फीसदी आंका गया है। आईएमएफ ने अपनी इस ग्लोबल रिपोर्ट में अमेरिका का 9.9 फीसदी, इंडोनेशिया का 3.8 फीसदी, तुर्किए का 2.2 फीसदी, सऊदी अरब का 1.7 फीसदी, वियतनाम का 1.6 फीसदी, नाइजीरिया का 1.5 फीसदी, ब्राजील का 1.5 फीसदी और जर्मनी का 0.9 फीसदी जीडीपी ग्रोथ का अनुमान लगाया है।

वहीं भारत में चीनी दूतावास की प्रवक्ता यू जिंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "2026 में, चीन से ग्लोबल रियल जीडीपी ग्रोथ में 26.6 फीसदी योगदान की उम्मीद है, जबकि भारत 17 फीसदी और जोड़ेगा। हम मिलकर वैश्विक विकास में लगभग 44 फीसदी का योगदान देंगे।"

बता दें, चीन ने 2026 के लिए अपने जीडीपी ग्रोथ का टारगेट 4.5 से 5 फीसदी तक रखा है। 1991 के बाद से यह अब तक का सबसे कम आंकड़ा है। वहीं दूसरी ओर भारत इस वक्त दुनिया की सबसे तेजी से आगे बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था है। हालांकि, चीन और भारत के प्रति व्यक्ति जीडीपी में भारी अंतर है। आंकड़ों के अनुसार, चीन की प्रति व्यक्ति जीडीपी भारत की तुलना में लगभग 4.76 गुना अधिक है। वर्ष 2025 के अनुमानों के मुताबिक, चीन की प्रति व्यक्ति जीडीपी 13,687 डॉलर थी, जबकि भारत के लिए यह आंकड़ा 2,878 डॉलर रहा।

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, भारत के 2026 में वैश्विक वास्तविक जीडीपी वृद्धि में 17 प्रतिशत योगदान देने की उम्मीद है, क्योंकि यह दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बनी हुई है।

आईएमएफ की शीर्ष 10 देशों की सूची में अन्य देशों की बात करें तो अमेरिका से वैश्विक जीडीपी वृद्धि में लगभग 9.9 प्रतिशत योगदान का अनुमान है। इसके बाद इंडोनेशिया 3.8 प्रतिशत, तुर्किए 2.2 प्रतिशत, सऊदी अरब 1.7 प्रतिशत और वियतनाम 1.6 प्रतिशत योगदान दे सकते हैं। वहीं नाइजीरिया और ब्राजील दोनों का योगदान लगभग 1.5 प्रतिशत रहने की उम्मीद है।

इस लिस्ट में जर्मनी 10वें स्थान पर है और उससे वैश्विक जीडीपी वृद्धि में 0.9 प्रतिशत योगदान का अनुमान है। इसके अलावा यूरोप के अन्य देश आईएमएफ की शीर्ष 10 सूची में शामिल नहीं हैं।

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने भारत की 2025 की आर्थिक विकास दर का अनुमान 0.7 प्रतिशत बढ़ाकर 7.3 प्रतिशत कर दिया है। वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक अपडेट में आईएमएफ ने कहा कि यह संशोधन चालू वित्त वर्ष (जो 31 मार्च 2026 को समाप्त होगा) की चौथी तिमाही में मजबूत आर्थिक गतिविधियों को देखते हुए किया गया है।

आईएमएफ के अनुसार, अगले वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की विकास दर 6.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। हालांकि इसमें थोड़ी कमी आ सकती है, लेकिन इसके बावजूद भारत उभरती और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में विकास का प्रमुख इंजन बना रहेगा।

--आईएएनएस

केके/एएस

Related posts

Loading...

More from author

Loading...