डब्ल्यूटीओ मीटिंग : चीन के सस्ते सामान बाजार में डंप करने का मुद्दा उठाएगा ईयू

नई दिल्ली, 25 मार्च (आईएएनएस)। यूरोपीय यूनियन के व्यापार और आर्थिक सुरक्षा कमिश्नर मारोस सेफ्कोविक ने मीडिया को बताया कि यूरोपीय यूनियन इस हफ्ते वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (डब्ल्यूटीओ) की मीटिंग में चीन के यूरोप में सस्ते सामान भारी संख्या में बाजार में उतारने का मुद्दा उठाएगा। इससे स्थानीय उद्योगों को नुकसान हो रहा है।

यूरैक्टिव न्यूज पोर्टल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सेफ्कोविक ने कहा कि वह इस गुरुवार को कैमरून में एक मीटिंग के दौरान डब्ल्यूटीओ में बड़े सुधार की मांग करेंगे और यह बिल्कुल साफ कर देंगे कि चीन की आर्थिक बढ़त का मतलब है कि हाल के दशकों में वैश्विक व्यापार का माहौल काफी बदल गया है।

उन्होंने कहा कि चीन की बढ़त के साथ अब डब्ल्यूटीओ सदस्यों के अधिकारों और जिम्मेदारियों को व्यवस्थित करने के लिए एक नया संतुलन जरूरी है। उन्होंने रिपोर्ट के हवाले से कहा कि यूरोपीय अर्थव्यवस्था में बहुत सारी समस्याएं पैदा करने वाली ओवरकैपेसिटी से निपटने के लिए इस संतुलन को बनाए रखना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि वह एक लेवल प्लेइंग फील्ड की मांग करेंगे, क्योंकि ओवरकैपेसिटी और नॉन-मार्केट पॉलिसी से पहले के मुकाबले बेहतर तरीके से निपटना होगा।

रिपोर्ट में कहा गया है कि स्लोवाक कमिश्नर की यह बात ईयू को चीन के निर्यात में बढ़ोतरी के बीच आई है। यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बड़े टैरिफ पहले से ही ब्लॉक के एक्सपोर्टर्स को नुकसान पहुंचा रहे हैं और चीन में बने सस्ते सामान की बड़ी मात्रा यूरोप की ओर जा रही है।

ईयू पॉलिसी थिंक टैंक ब्रूगेल के इकट्ठा किए गए डेटा के मुताबिक, बीजिंग के साथ ब्रसेल्स का ट्रेड डेफिसिट 2024 में 335 बिलियन डॉलर से बढ़कर 2025 में 375 बिलियन डॉलर हो गया। बीजिंग का ग्लोबल ट्रेड सरप्लस भी पिछले साल रिकॉर्ड 1.2 ट्रिलियन डॉलर पर पहुंच गया था। यह आंकड़ा 2026 में बहुत आगे निकल जाएगा।

चीन का सामना करने के अलावा, सेफ्कोविक ने सदस्य देशों के बीच ट्रेड विवादों को आसान बनाने के लिए "नए गवर्नेंस मॉडल" की भी मांग की। अमेरिका ने लंबे समय से डब्ल्यूटीओ कोर्ट सिस्टम को उसकी अपीलीय बॉडी में जजों की नियुक्ति को रोककर कमजोर कर दिया है, जिससे डब्ल्यूटीओ सदस्य 'अपीलिंग इनटू द वॉयड' करके कोर्ट के फैसलों को असरदार तरीके से टाल सकते हैं।

चीन दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और ईयू का तीसरा सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है। यह 2001 में डब्ल्यूटीओ में शामिल हुआ, यानी जिनेवा में मौजूद इस इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन के बनने के छह साल बाद।

--आईएएनएस

केके/एबीएम

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