कैनबरा, 4 जून (आईएएनएस)। ऑस्ट्रेलिया सरकार ने गुरुवार को मध्य अफ्रीका में फैले इबोला प्रकोप से निपटने और बीमारी को आगे फैलने से रोकने के लिए वैश्विक प्रयासों में आर्थिक मदद देने की घोषणा की।
विदेश मंत्री पेनी वोंग और अंतरराष्ट्रीय विकास मंत्री ऐन एली ने एक संयुक्त बयान में कहा कि ऑस्ट्रेलिया इस पहल के लिए 50 लाख ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (करीब 36 लाख अमेरिकी डॉलर) की सहायता देगा।
बयान में कहा गया, "ऑस्ट्रेलिया की यह मदद इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ रेड क्रॉस और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के माध्यम से दी जाएगी। इससे जरूरी चिकित्सा सेवाएं और दवाइयां उपलब्ध कराई जाएंगी, स्वच्छ पानी और सफाई से जुड़ी सेवाओं को बेहतर बनाया जाएगा, बीमारी की निगरानी और तैयारी को मजबूत किया जाएगा, और स्थानीय स्वास्थ्य व्यवस्था को भी सशक्त किया जाएगा।"
डब्ल्यूएचओ के अनुसार, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) में चल रहे इबोला प्रकोप के दौरान अब तक 344 मामलों की पुष्टि हुई है और 60 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, युगांडा में 15 मामले सामने आए हैं और एक व्यक्ति की मौत हुई है।
सिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, डब्ल्यूएचओ ने बुधवार को जिनेवा में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बेहतर समन्वय और लगातार प्रयासों की वजह से डीआरसी में इबोला प्रकोप से निपटने की स्थिति अब धीरे-धीरे सुधर रही है।
डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस, जो हाल ही में डीआरसी के दौरे से लौटे हैं, ने कहा कि वहां लोगों और संस्थाओं की प्रतिबद्धता देखकर उन्हें काफी हौसला मिला है। उन्होंने कहा, "जो मैंने वहां देखा, उससे मुझे उम्मीद मिली है, हालांकि अभी भी कई चुनौतियां बाकी हैं।"
टेड्रोस ने बताया कि डीआरसी में 344 मामलों की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें 60 लोगों की मौत हुई है। ये मामले तीन प्रांतों के 24 स्वास्थ्य क्षेत्रों में फैले हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संदिग्ध मामलों की संख्या पिछले सप्ताह 1,000 से ज्यादा थी, जो अब घटकर 116 रह गई है।
टेड्रोस ने कहा, "बीमारी को फैलने में काफी बढ़त मिल चुकी थी और हम अभी भी कुछ हद तक पीछे हैं, लेकिन डीआरसी सरकार के नेतृत्व में हम तेजी से स्थिति को संभाल रहे हैं।"
हालांकि, उन्होंने कुछ बड़ी चुनौतियों का भी जिक्र किया। इनमें प्रयोगशालाओं और जांच सुविधाओं की क्षमता बढ़ाना शामिल है ताकि मामलों की पुष्टि में देरी कम हो और तेजी से कार्रवाई की जा सके। इसके अलावा, संपर्क में आए लोगों का पता लगाना, यात्रा प्रतिबंधों के कारण सप्लाई चेन में आने वाली दिक्कतें, लोगों के बीच अविश्वास, और यह तथ्य कि बुंडीबुग्यो इबोलावायरस स्ट्रेन के लिए फिलहाल कोई स्वीकृत वैक्सीन या विशेष इलाज उपलब्ध नहीं है, भी बड़ी चुनौतियां हैं।
--आईएएनएस
एवाई/पीएम
