चीन ने मध्य पूर्व में तनाव कम करने का किया आग्रह

बीजिंग, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के साथ सहयोग पर गुरुवार को आयोजित एक खुली बैठक में चीन के स्थायी प्रतिनिधि फू त्सोंग ने कहा कि सुरक्षा परिषद पर अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान परिस्थितियों में सदस्य देशों को बल प्रयोग की अनुमति देना अवैध सैन्य कार्रवाई को वैध ठहराने के बराबर होगा, जिससे स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है। ऐसे में सुरक्षा परिषद को सावधानी से कदम उठाते हुए तनाव कम करने और संवाद व वार्ता को फिर से शुरू कराने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

फू त्सोंग ने जोर देकर कहा कि बल के जरिए शांति हासिल नहीं की जा सकती, बल्कि राजनीतिक समाधान ही एकमात्र रास्ता है। उन्होंने कहा कि जीसीसी देशों के पास क्षेत्रीय संघर्षों की जड़ों को समझने में विशेष क्षमता और अनुभव है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को उनके आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप से बचना चाहिए और उनकी रणनीतिक स्वतंत्रता तथा एकजुटता का सम्मान करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व में मौजूदा संघर्ष का मुख्य कारण अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किया गया सैन्य हमला है, जो संयुक्त राष्ट्र चार्टर का स्पष्ट उल्लंघन है। स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए आवश्यक है कि अमेरिका और इजरायल तुरंत अपनी सैन्य कार्रवाई बंद करें।

फू त्सोंग ने आगे बताया कि हाल ही में चीन और पाकिस्तान ने खाड़ी क्षेत्र और मध्य पूर्व में शांति बहाली के लिए पांच-सूत्रीय पहल पेश की है। इस पहल में शत्रुता समाप्त करने, शीघ्र शांति वार्ता शुरू करने, गैर-सैन्य लक्ष्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और संयुक्त राष्ट्र चार्टर की सर्वोच्चता बनाए रखने का आह्वान किया गया है।

उन्होंने कहा कि यह पहल पूरी तरह खुली है और इसमें सभी देशों तथा अंतरराष्ट्रीय संगठनों की प्रतिक्रिया और भागीदारी का स्वागत है।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

--आईएएनएस

एबीएम/

Related posts

Loading...

More from author

Loading...