चीन ने ईरान के बी1 ब्रिज पर अमेरिकी हमले की आलोचना की, दोनों पक्षों से कूटनीतिक रास्ते पर लौटने की अपील

नई दिल्ली, 4 अप्रैल (आईएएनएस)। ईरान और अमेरिका-इजरायल के हमलों के बीच चीन ने अमेरिका के हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। चीन ने नागरिकों के इलाके में किसी भी तरह के हमले का विरोध किया है। भारत में चीनी दूतावास की प्रवक्ता यू जिंग ने इसकी जानकारी दी। इसके साथ ही चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने दोनों देशों से हमले को रोककर बातचीत के जरिए समाधान निकालने के लिए कहा है।

दरअसल, चीनी-अरब टीवी ने विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता से पूछा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी एयर स्ट्राइक ने ईरान पर बातचीत के लिए दबाव डालने के लिए एक ईरानी सिविलियन पुल को नष्ट कर दिया। इस पर चीन की क्या प्रतिक्रिया है?

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, "ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायली सैन्य ऑपरेशन को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से कोई मंजूरी नहीं मिली है और यह अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। चीन सिविलियन जगहों पर हमलों का विरोध करता है। संबंधित पार्टियों को तुरंत सैन्य एक्शन रोक देना चाहिए, राजनीतिक और डिप्लोमैटिक समझौते के रास्ते पर लौटना चाहिए, और इससे भी बड़ी मानवीय आपदा से बचना चाहिए।"

ईरान-अमेरिका तनाव के बीच होर्मुज से तेल और गैस टैंकर जहाजों का ट्रांजिट मुश्किल हो गया है। यूरोप में, ग्रीस अब तक सबसे ज्यादा प्रभावित देश रहा है, इस इलाके में कम से कम 75 जहाज फंसे हुए हैं।

यूरो न्यूज ने ब्लूमबर्ग और समुद्री ट्रैफिक ऑर्गनाइजेशन के डेटा के हवाले से बताया ग्रीस, संयुक्त अरब अमीरात और चीन की शिपिंग कंपनियां होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से सबसे ज्यादा प्रभावित हुई हैं।

यूरो न्यूज ने बताया कि पिछले 48 घंटों में लगभग 670 कार्गो जहाजों को स्ट्रेट के पश्चिमी हिस्से में इंतजार करते हुए ट्रैक किया गया है। इनमें से 120 यूएई की कंपनियों के हैं, जो कुल जहाजों का लगभग 18 फीसदी है।

जहाजों की जगह को एआईएस या ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम का इस्तेमाल करके ट्रैक किया जाता है। यह ट्रांसपोंडर टेक्नोलॉजी ज्यादातर कमर्शियल जहाजों पर जरूरी होती है जो लगातार जहाज की लोकेशन, स्पीड, हेडिंग और पहचान दूसरे जहाज़ों और किनारे पर मौजूद स्टेशनों को ब्रॉडकास्ट करती है।

असली संख्या ज्यादा हो सकती है क्योंकि कुछ जहाजों ने अपने ट्रैकिंग सिस्टम डीएक्टिवेट कर दिए होंगे।

यूएई के बाद, ग्रीस दूसरा सबसे ज्यादा प्रभावित देश है, जहां लड़ाई शुरू होने के बाद से ग्रीस की कंपनियां स्ट्रेट में कम से कम 75 कमोडिटी जहाज चला रही हैं, जो कुल का लगभग 12 फीसदी है। इस इलाके में चीनी कंपनियों के 74 कमोडिटी जहाज हैं, जिनमें से 25 तेल और गैस टैंकर हैं और बाकी ड्राई बल्क कैरियर और कंटेनर जहाज हैं।

--आईएएनएस

केके/पीएम

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