
नई दिल्ली: ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 का गुरुवार से आगाज हो रहा है। दो दिवसीय सम्मेलन की शुरुआत से पहले भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने अपने इंडोनेशियाई समकक्ष सुगिओनो से मुलाकात की।
इंडोनेशिया के विदेश मंत्री सुगिओनो बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली पहुंचे। वहीं इस शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए इथियोपिया के विदेश मंत्री गेडियन टिमोथेवोस हेस्सेबन भी दिल्ली पहुंचे हैं। विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी दी।
इस उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता विदेश मंत्री एस. जयशंकर करेंगे। इसमें ब्रिक्स सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों व वरिष्ठ प्रतिनिधियों के भाग लेने की उम्मीद है। बैठक में शामिल होने के लिए विभिन्न देशों के नेता और प्रतिनिधिमंडल नई दिल्ली पहुंचने लगे हैं।
यह भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत पहली बड़ी मंत्रिस्तरीय बैठक होगी। माना जा रहा है कि यह इस साल के अंत में होने वाले ब्रिक्स नेताओं के शिखर सम्मेलन के एजेंडे को तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
नई दिल्ली में आयोजित साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय (एमईए) ने पुष्टि की कि भाग लेने वाले देशों के वरिष्ठ राजनयिक इस बैठक में शामिल होंगे। मंत्रालय ने दो दिवसीय बैठक के दौरान होने वाली चर्चाओं की व्यापक रूपरेखा भी बताई।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि 'ब्रिक्स' देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक 14 और 15 मई को निर्धारित है और इसकी अध्यक्षता भारत कर रहा है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, चर्चाओं का मुख्य केंद्र प्रमुख क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रम, सदस्य देशों के बीच बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करना, और बदलती भू-राजनीतिक वास्तविकताओं को देखते हुए अंतर्राष्ट्रीय शासन संरचनाओं में सुधार को आगे बढ़ाना होगा। मंत्रालय ने कहा कि भाग लेने वाले देश अपने-अपने प्रतिनिधित्व का स्तर स्वयं तय करेंगे। प्रतिनिधिमंडलों के बारे में अधिक जानकारी तब शेयर की जाएगी जब प्रतिनिधि नई दिल्ली पहुंच जाएंगे।
शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले प्रतिनिधि अपने राष्ट्रीय राजधानी दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगे।
बता दें कि भारत ने हाल ही में अपनी 'ब्रिक्स 2026' अध्यक्षता के लिए आधिकारिक लोगो और वेबसाइट का अनावरण किया। अधिकारियों ने बताया कि इस बार 'ब्रिक्स' समिट की थीम भारत के "मानवता सबसे पहले" और जन-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है, जिस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2025 में रियो डी जेनेरियो में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान विशेष जोर दिया था।
--आईएएनएस
