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निकोसिया, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। साइप्रस में भारत के उच्चायुक्त मनीष ने शुक्रवार को साइप्रस के न्याय और सार्वजनिक व्यवस्था मंत्री कोस्टास फिटिरिस के साथ बैठक की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर चर्चा हुई, जैसे कि संस्थागत सहयोग, प्रत्यर्पण, आपराधिक मामलों से जुड़ी बातें, कैदियों के आदान-प्रदान और भारतीय नागरिकों से जुड़े काउंसलर मुद्दे थे।
इस मुलाकात के दौरान भारतीय उच्चायुक्त ने मंत्री को भारत और साइप्रस के बीच हाल के संबंधों में हुए विकास के बारे में जानकारी दी। साथ ही उन्होंने बताया कि साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स मई 2026 में भारत का दौरा करेंगे।
उन्होंने आगे बताया, “इस संदर्भ में दोनों पक्षों ने न्याय और सार्वजनिक व्यवस्था मंत्रालय से जुड़े कई मुद्दों पर बात की, जिसमें दोनों देशों के बीच संस्थागत सहयोग, प्रत्यर्पण और आपराधिक मामले, कैदियों का आदान-प्रदान और भारतीय नागरिकों से जुड़े काउंसलर मुद्दे शामिल थे।”
चार अप्रैल को मनीष ने निकोसिया स्थित राष्ट्रपति भवन में साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने मई 2026 में राष्ट्रपति के भारत दौरे की तैयारियों की समीक्षा की, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर हो रहा है।
भारतीय दूतावास के अनुसार, दोनों पक्षों ने भारत-साइप्रस संयुक्त कार्य योजना के तहत चल रहे कामों की भी समीक्षा की। इसमें व्यापार, निवेश, नवाचार और कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर खास ध्यान दिया गया। यह सब जून 2025 में प्रधानमंत्री मोदी की साइप्रस यात्रा के बाद आगे बढ़ा है।
दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर लिखा, ''दोनों देशों ने रक्षा और सुरक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल बदलाव, फिनटेक और समुद्री सहयोग जैसे अहम क्षेत्रों में प्रगति पर भी चर्चा की। साथ ही शिक्षा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए लोगों के बीच संबंध मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
पिछले साल अक्टूबर में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और साइप्रस के विदेश मंत्री कॉन्स्टेंटिनोस कोम्बोसो ने नई दिल्ली में मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने भारत-साइप्रस संयुक्त कार्य योजना 2025-2029 की समीक्षा की थी।
जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा था, “मुझे साइप्रस के विदेश कॉन्स्टेंटिनोस कोम्बोसो का नई दिल्ली में स्वागत करते हुए खुशी हुई। हमने भारत-साइप्रस संयुक्त कार्य योजना 2025-2029 की समीक्षा की, जिसे जून 2025 में प्रधानमंत्री मोदी की साइप्रस यात्रा के दौरान नेताओं ने मंजूरी दी थी। हमारी बातचीत में वैश्विक हालात और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी चर्चा हुई।”
--आईएएनएस
एवाई/डीकेपी