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नई दिल्ली, 28 अप्रैल (आईएएनएस)। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने मंगलवार को नई दिल्ली में आर्मेनिया के चीफ ऑफ द जनरल स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एडवर्रड अस्रयान से मुलाकात कर रक्षा सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का रास्ता प्रशस्त किया।
लेफ्टिनेंट जनरल एडवर्ड अस्रयान का सीडीएस जनरल चौहान ने स्वागत किया और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
हेडक्वार्टर ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (आईडीएस मुख्यालय) ने एक्स पर पोस्ट किया, " आर्मेनिया के चीफ ऑफ द जनरल स्टाफ, लेफ्टिनेंट जनरल एडवर्ड अस्रयान ने आधिकारिक दौरे के दौरान सीडीएस जनरल अनिल चौहान से बातचीत की। जनरल ऑफिसर का सीडीएस ने स्वागत किया और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।"
दोनों पक्षों ने सैन्य हार्डवेयर के संयुक्त विकास और रक्षा सहयोग बढ़ाने के नए अवसरों पर गंभीर विचार-विमर्श किया। बैठक में भारत-आर्मेनिया रक्षा संबंधों को और मजबूत बनाने और भविष्य उन्मुख रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर बल दिया गया।
इससे पहले फरवरी में, जनरल चौहान के नेतृत्व में एक भारतीय डिफेंस प्रतिनिधिमंडल चार दिन के दौरे पर आर्मेनिया गया था। इस दौरान, जनरल चौहान के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पाशिनयान से मुलाकात की थी, और सहयोग के उभरते मौकों समेत डिफेंस और स्ट्रेटेजिक सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की थी।
संयुक्त विकास के तहत दोनों देशों का फोकस केवल हथियार खरीदने-बेचने से आगे बढ़कर भारत में तकनीकी सहयोग के साथ सैन्य उपकरणों का निर्माण करने पर भी है।
इसी साल जनवरी में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आर्मेनिया को भेजी जाने वाली गाइडेड पिनाका रॉकेट प्रणाली की पहली खेप को रवाना किया था। यह प्रणाली पुणे स्थित सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड द्वारा निर्मित की गई थी।
आर्मेनिया ने सितंबर 2022 में लगभग 2,000 करोड़ रुपये के सौदे के तहत चार पिनाका रॉकेट सिस्टम बैटरियों की खरीद के लिए भारत के साथ अनुबंध किया था। इस समझौते में अनगाइडेड, विस्तारित रेंज और गाइडेड संस्करण शामिल हैं। आर्मेनिया पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर का पहला अंतरराष्ट्रीय ग्राहक भी बना, जिसे भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने विकसित किया है।
यह समझौता रक्षा विनिर्माण में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने और भारत को एक प्रमुख वैश्विक रक्षा निर्यातक के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक अहम उपलब्धि माना जाता है।
पिनाका अनगाइडेड रॉकेट सिस्टम की पहली खेप की आपूर्ति जुलाई 2023 में शुरू हुई थी और इसे 2024 के अंत तक पूरा कर लिया गया, जिसके बाद उन्नत संस्करणों की आगे की खेप भेजे जाने का मार्ग प्रशस्त हुआ।
--आईएएनएस
केआर/