भाजपा और विपक्षी दल एक सुर में बोले- जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग, हमें पीओके वापस लेना ही होगा

नई दिल्ली, 27 मई (आईएएनएस)। भारत ने चीन और पाकिस्तान द्वारा अपने संयुक्त बयान में जम्मू और कश्मीर के बारे में किए गए "अनुचित संदर्भों" को दृढ़ता से खारिज कर दिया है।

विभिन्न दलों के नेताओं ने बुधवार को भारत के इस दृढ़ रुख को दोहराया कि जम्मू-कश्मीर और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख देश का अभिन्न व अविभाज्य हिस्सा हैं।

कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने आईएएनएस से कहा, “हम बस इतना कहना चाहते हैं कि जम्मू, कश्मीर और लद्दाख का एक-एक इंच भारत का है। अगर कोई विवाद है, तो वह पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के हिस्से को लेकर है। हमें वह हिस्सा वापस मिलना चाहिए। वह भारत के नक्शे का हिस्सा होना चाहिए। यही ‘अखंड भारत’ का सपना है।”

विदेश मंत्रालय के बयान का समर्थन करते हुए बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा, “यह बिल्कुल सही कहा गया है कि जम्मू व कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने अनुच्छेद 370 को स्थायी रूप से समाप्त कर दिया। जम्मू और कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है।”

वहीं, उत्तर प्रदेश के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने भारतीय सशस्त्र बलों की पूरी तैयारी पर जोर देते हुए कहा, “यह निश्चित है कि अगर कोई विदेशी देश भारत के खिलाफ आक्रामकता दिखाने या कार्रवाई करने की कोशिश करता है, तो हमारे सशस्त्र बल कड़ा जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।”

भारत ने मंगलवार को बीजिंग में चीन और पाकिस्तान के नेताओं की बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में जम्मू और कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के "अनुचित उल्लेखों" को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया और इस मुद्दे पर अपने सुस्थापित और स्थिर रुख को दोहराया।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस मुद्दे पर मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा, "भारत चीन और पाकिस्तान के संयुक्त बयान में केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के अनुचित उल्लेखों को स्पष्ट रूप से खारिज करता है।"

उन्होंने कहा, "भारत का रुख सुसंगत है और संबंधित पक्षों को सर्वविदित है। जम्मू व कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य अंग रहे हैं, हैं और हमेशा रहेंगे। किसी अन्य देश को इस पर टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है।"

--आईएएनएस

ओपी/पीएम

Related posts

Loading...

More from author

Loading...