अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने किया ईरान को बड़े सैन्य नुकसान का दावा

वाशिंगटन, 7 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को बड़े सैन्य नुकसान का दावा किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सैन्य ऑपरेशन ने ईरान के सशस्त्र बलों को बहुत कमजोर कर दिया है और उसके सैन्य ढांचे को लगभग तबाह कर दिया है।

व्हाइट हाउस में कॉलेज एथलेटिक्स पर आयोजित एक राउंडटेबल बैठक के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने वैश्विक हालात पर पूछे गए सवाल के जवाब में संक्षेप में ईरान की स्थिति पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा, "ईरान के मामले में हम बहुत अच्छा कर रहे हैं। किसी ने पूछा कि 0 से 10 के पैमाने पर आप इसे कैसे आंकेंगे? मैंने कहा मैं इसे 12 से 15 दूंगा।"

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सैन्य ऑपरेशन ने ईरान की सेना को गंभीर नुकसान पहुंचाया है, जिसमें उसकी नौसेना और कम्युनिकेशन सिस्टम भी शामिल है। उन्होंने कहा, "उनकी सेना, नौसेना और कम्युनिकेशन सिस्टम के साथ-साथ उनके नेता भी खत्म हो गए हैं।"

ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरानी एयरफोर्स भी कमजोर हो चुकी है और उसके सैन्य नेतृत्व की कई लेयर्स खत्म कर दी गई हैं। ईरानी लीडरशिप का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा कि अब वे तीसरी पंक्ति के नेतृत्व तक पहुंच गए हैं। अमेरिका राष्ट्रपति ने आगे दावा किया कि अभियान के दौरान ईरान की नौसैनिक ताकत भी पूरी तरह नष्ट हो गई है। उन्होंने कहा कि ईरान के पास 32 जहाज थे। सभी 32 समुद्र की गहराई में हैं।

राष्ट्रपति ने अमेरिकी सेना के ऑपरेशन की प्रशंसा करते हुए कहा कि हालिया सैन्य अभियानों ने अमेरिका की ताकत और क्षमताओं को साबित किया है। उन्होंने कहा कि हमारी सेना शानदार काम कर रही है। लोग हमारी सेना से बहुत प्रभावित हैं।

ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाकर पहले किए गए अमेरिकी हवाई हमलों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका के सामने ईरान समर्थित ताकतों के हमले झेलते रहने और निर्णायक सैन्य कार्रवाई से जवाब देने के बीच एक ही विकल्प था। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "हमारे पास एक विकल्प था। हम इसे सालों तक ऐसे ही चला सकते थे या इसके बारे में कुछ कर सकते थे और हमने इसके बारे में कुछ किया।"

उन्होंने ईरानी नेताओं पर आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) के जरिए अमेरिकी सैनिकों के ऊपर हमलों की साजिश रचने का आरोप लगाया। ट्रंप ने कहा, "वे बहुत से लोगों को मार रहे थे। हमारे बहुत से लोग मारे जा रहे थे। वे अपाहिज हो रहे थे। कुछ के पैर नहीं रहे, कुछ के हाथ नहीं रहे, चेहरा बुरी तरह घायल हो गया।"

ट्रंप ने ईरानी लीडरशिप को बहुत खराब और बीमार मानसिकता वाला ग्रुप बताया। उन्होंने कहा कि इन हमलों को रोकने के लिए अमेरिकी कार्रवाई जरूरी थी। राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि इस सैन्य अभियान से दुनिया में अमेरिका की ताकत की धारणा और मजबूत हुई है।

--आईएएनएस

डीसीएच/

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