अमेरिका के साथ तनाव के बीच ईरान के विदेश मंत्री अराघची जा रहे चीन, इस महीने जिनपिंग से मिलेंगे ट्रंप

तेहरान, 5 मई (आईएएनएस)। ईरान और मिडिल ईस्ट में एक बार फिर से हालात तनावपूर्ण होते हुए नजर आ रहे हैं। इस बीच ईरान के विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी है कि सैयद अब्बास अराघची चीन के दौरे पर जा रहे हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चीन दौरे से पहले ईरानी विदेश मंत्री बीजिंग पहुंच रहे हैं।

ईरान के विदेश मंत्रालय ने एक छोटे बयान में कहा, “इस दौरे के दौरान वह अपने चीनी समकक्ष वांग यी से मिलकर आपसी संबंधों और इलाके और अंतरराष्ट्रीय विकास पर बात करेंगे।”

यह मीटिंग ऐसे समय में हो रही है, जब इजरायल और अमेरिका द्वारा 28 फरवरी को शुरू किए गए संघर्ष को खत्म करने के लिए यूएस और ईरान के बीच बातचीत में कोई नतीजा नहीं निकला है।

बीजिंग दूसरे देशों के अंदरूनी मामलों में दखल न देने की अपनी पुरानी नीति को अपना रहा है। वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी इस महीने 14 और 15 मई को चीन के दौरे पर जाने वाले हैं। ट्रंप चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करेंगे।

इससे पहले अराघची पाकिस्तान, रूस और ओमान के विदेश दौरे पर पहुंचे थे। तीनों देशों के दौरे पर उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों और अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय हालातों पर चर्चा की। इसके साथ ही उन्होंने अमेरिका के साथ चल रहे झगड़े, उससे हुए नुकसान और ईरान के पक्ष को तीनों देशों के नेतृत्व के सामने रखा।

दूसरी तरफ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संयुक्त अरब अमीरात में नागरिक इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाकर किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा की। पाकिस्तानी पीएम ने यूएई के लिए एकजुटता दिखाई।

ईरान और अमेरिका के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता में स्थायी तौर पर समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, ईरान और अमेरिका के बीच दो राउंड की बातचीत का कोई हल नहीं निकला।

पाकिस्तानी पीएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "पाकिस्तान कल रात संयुक्त अरब अमीरात में सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हुए मिसाइल और ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा करता है। मैं मोहम्मद बिन जायद के साथ पूरी एकजुटता दिखाता हूं। पाकिस्तान इस मुश्किल समय में अपने अमीराती भाइयों और बहनों के साथ-साथ संयुक्त अरब अमीरात की सरकार के साथ मजबूती से खड़ा है।"

पीएम शहबाज ने सीजफायर को बनाए रखने की अपील की और लिखा, "यह बहुत जरूरी है कि सीजफायर को बनाए रखा जाए और उसका सम्मान किया जाए, ताकि बातचीत के लिए जरूरी कूटनीतिक जगह मिल सके, जिससे इलाके में हमेशा के लिए शांति और स्थिरता बनी रहे।"

--आईएएनएस

केके/एबीएम

Related posts

Loading...

More from author

Loading...