अमेरिका इबोला संक्रमितों के लिए केन्या में बनाएगा क्वारंटीन सेंटर

वाशिंगटन, 28 मई (आईएएनएस)। अमेरिकी सरकार इबोला वायरस के संपर्क में आए अपने नागरिकों को इलाज और निगरानी के लिए अमेरिका लाने के बजाय केन्या में बनाए जा रहे एक नए क्वारंटीन सेंटर में भेजने की तैयारी कर रही है।

वॉशिंगटन पोस्ट ने बुधवार (स्थानीय समय) को अपनी रिपोर्ट में बताया कि ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों ने अमेरिकी सेना को निर्देश दिए हैं कि वह एक हफ्ते के भीतर केन्या के मध्य हिस्से में क्वारंटीन सुविधा तैयार करे। रिपोर्ट के मुताबिक, वहां ऐसे अमेरिकी नागरिकों को रखा जाएगा, जो वायरस के संपर्क में आए हैं। उन्हें यूएस से लाए गए बायो-कंटेनमेंट यूनिट्स में सुरक्षित रखा जाएगा।

शुरुआती योजना के तहत एक हफ्ते में 50 बेड वाला यूनिट तैयार किया जाएगा, जिसे बाद में बढ़ाकर 250 बेड तक किया जा सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका की पब्लिक हेल्थ सर्विस के सदस्य मैरीलैंड के जॉइंट बेस एंड्रयूज में इस सुविधा में काम करने के लिए ट्रेनिंग भी शुरू कर चुके हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, इसी महीने अमेरिका ने एक अमेरिकी डॉक्टर, जिसमें इबोला जैसे लक्षण दिखे थे, उन्हें इलाज के लिए जर्मनी भेजा था। इसके अलावा छह अन्य अमेरिकियों को निगरानी के लिए जर्मनी और चेक गणराज्य भेजा गया।

इस महीने की शुरुआत में अमेरिकी सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) ने उन विदेशी नागरिकों के अमेरिका में प्रवेश पर 30 दिनों की रोक लगा दी थी, जो पिछले 21 दिनों में डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी), युगांडा या दक्षिण सूडान में रहे थे।

पिछले हफ्ते इस नियम को बढ़ाकर ग्रीन कार्ड धारकों यानी स्थायी निवासियों पर भी लागू कर दिया गया।

डीआरसी के स्वास्थ्य मंत्रालय की बुधवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक देश में संदिग्ध इबोला मामलों की संख्या 1,000 के पार पहुंच गई है और संक्रमण लगातार पूर्वी इलाकों में फैल रहा है।

मंगलवार तक के आंकड़ों के आधार पर रिपोर्ट में बताया गया कि संदिग्ध मामलों की कुल संख्या 1,077 हो चुकी है। 15 मई को इस प्रकोप की घोषणा होने के बाद से अब तक 121 मामलों की पुष्टि हुई है और 238 संदिग्ध मौतें दर्ज की गई हैं।

यह संक्रमण इटुरी, नॉर्थ किवु और साउथ किवु प्रांतों के 13 हेल्थ जोन में फैल चुका है, जिसमें इटुरी सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र बना हुआ है।

यह डीआरसी में इबोला का 17वां प्रकोप है। लैब जांच में वायरस का बंडिबुग्यो स्ट्रेन पाया गया है, जो इबोला का अपेक्षाकृत दुर्लभ प्रकार माना जाता है।

--आईएएनएस

एवाई/वीसी

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