![]()
वाशिंगटन, 19 मार्च (आईएएनएस)। वाशिंगटन में एक अहम सुनवाई के दौरान काश पटेल ने अमेरिकी सीनेटरों के तीखे सवालों का सामना किया। फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) के निदेशक के रूप में काश पटेल ने एजेंसी की आक्रामक आतंकवाद-रोधी रणनीति का बचाव किया और साफ कहा कि मौजूदा खतरे पहले से कहीं ज्यादा जटिल और तेजी से बदल रहे हैं।
संयुक्त राज्य सीनेट खुफिया समिति की इस सुनवाई में सीनेटरों ने निगरानी, संसाधनों के इस्तेमाल और बढ़ते खतरों को लेकर कई सवाल उठाए, लेकिन काश पटेल पूरे समय आत्मविश्वास से भरे और आक्रामक अंदाज में नजर आए। उन्होंने बार-बार यह दोहराया कि एफबीआई की रणनीति न केवल प्रभावी है, बल्कि जरूरी भी है।
काश पटेल ने हाल के अभियानों का हवाला देते हुए कहा कि एफबीआई ने चार बड़े आतंकी हमलों को नाकाम किया है, जिनमें से तीन आईएसआईएस से प्रेरित थे।
उन्होंने यह भी बताया कि आतंकवादी संगठनों का काम करने का तरीका तेजी से बदल रहा है। अब ये संगठन डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए भर्ती कर रहे हैं, जिससे उनका दायरा और असर बढ़ गया है। पटेल ने कहा कि इस नई चुनौती से निपटने के लिए तकनीक-आधारित और सक्रिय रणनीति बेहद जरूरी हो गई है।
जब रॉन वाइडन ने एफबीआई की निगरानी प्रणाली, खासकर कमर्शियल डाटा के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाए। इस पर काश पटेल ने साफ कहा कि एजेंसी हर कदम संविधान और कानून के दायरे में रहकर उठाती है। उन्होंने किसी भी तरह के अधिकारों के दुरुपयोग के आरोपों को खारिज कर दिया।
काश पटेल ने यह भी बताया कि एफबीआई ने देशभर में 59 होमलैंड सिक्योरिटी टास्क फोर्स बनाई हैं, जो अलग-अलग एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि खुफिया जानकारी जुटाने और बायोमेट्रिक डाटा संग्रह में डबल डिजिट वृद्धि हुई है, जिससे संदिग्धों की पहचान और ट्रैकिंग आसान हुई है।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय अपराध और साइबर धोखाधड़ी के बढ़ते खतरे पर भी चिंता जताई। काश पटेल ने कहा कि दक्षिण-पूर्व एशिया में बड़े पैमाने पर ऐसे गिरोह सक्रिय हैं, जो अमेरिकी नागरिकों को ठग रहे हैं। एफबीआई इन नेटवर्क्स को खत्म करने के लिए विदेशी सरकारों के साथ मिलकर काम कर रही है।
पूरी सुनवाई के दौरान काश पटेल ने इस बात का विशेष जिक्र किया कि बदलते खतरों से आगे रहने के लिए एजेंसियों के बीच सहयोग और संसाधनों का विस्तार बेहद जरूरी है।
--आईएएनएस
वीकेयू/वीसी