आर्थिक दबाव में पाकिस्तान, ईंधन बचाने और खर्च घटाने के लिए बड़ा फैसला

नई दिल्ली, 12 मार्च (आईएएनएस)। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और बढ़ते आर्थिक संकट के बीच पाकिस्तान ने एक अहम फैसला ल‍िया है। पाकिस्तान ने सरकारी खर्च कम करने और फ्यूल बचाने के लिए खर्च कम करने के उपायों की घोषणा की है।

रिपोर्ट के अनुसार, इन कदमों में सरकारी गाड़ियों के लिए ईंधन की मात्रा कम करना और सरकारी अधिकारियों के वेतन और भत्तों में अस्थायी कटौती शामिल है।

सरकारी वाहनों के लिए ईंधन की आपूर्ति दो महीने तक 50 प्रत‍िशत कम कर दी जाएगी और लगभग 60 प्रत‍िशत सरकारी गाड़ियां इस अवधि में इस्तेमाल नहीं की जाएंगी, ताकि ईंधन बचाया जा सके।

इसके अलावा, संघीय कैबिनेट के सदस्य, मंत्री, सलाहकार और विशेष सहायक दो महीने तक अपना वेतन नहीं लेंगे। सांसदों के वेतन में 25 प्रत‍िशत की कटौती की जाएगी।

ग्रेड 20 और उससे ऊपर के वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, जो तीन लाख पाकिस्तानी रुपए से अधिक वेतन पाते हैं, वे भी सार्वजनिक सहायता के लिए अपने दो दिन के वेतन का योगदान देंगे।

सरकार ने सभी विभागों में गैर-वेतन खर्च में 20 प्रत‍िशत की कटौती करने का आदेश दिया है और सरकारी दफ्तरों के लिए गाड़ियां, फर्नीचर, एयर कंडीशनर और अन्य उपकरण खरीदने पर रोक लगा दी है।

इसके साथ ही मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों की विदेश यात्राएं भी रोक दी गई हैं और यात्रा से होने वाले ईंधन खर्च को कम करने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को प्राथमिकता दी जाएगी।

सरकारी भोज और इफ्तार कार्यक्रमों पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। सेमिनार और कॉन्फ्रेंस अब होटलों की बजाय सरकारी भवनों में आयोजित किए जाएंगे, ताकि खर्च कम हो सके।

सरकारी दफ्तर हफ्ते में चार दिन ही खुलेंगे और कुछ विभागों में 50 प्रति‍शत कर्मचारी घर से काम करेंगे। स्कूल दो हफ्ते तक बंद रहेंगे और उच्च शिक्षा संस्थान ऑनलाइन कक्षाएं चलाएंगे।

विश्लेषकों का कहना है कि अगर आर्थिक दबाव बढ़ता है तो आगे और भी सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।

इन उपायों पर देश की आर्थिक स्थिति की समीक्षा के लिए हुई बैठक में चर्चा की गई थी।

--आईएएनएस

एवाई/डीएससी

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