आईएमएफ की प्रबंध निदेशक ने मध्य पूर्व संघर्ष के चलते वैश्विक आर्थिक प्रभावों के और गंभीर होने की आशंका जताई

बीजिंग, 5 मई (आईएएनएस)। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने 4 मई को अमेरिकी थिंक टैंक मिल्केन इंस्टीट्यूट द्वारा आयोजित एक सम्मेलन में कहा कि यदि मध्य पूर्व संघर्ष 2027 तक जारी रहता है और तेल की कीमतें लगभग 125 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच जाती हैं, तो इससे कीमतों और आर्थिक विकास पर प्रभाव और भी बढ़ जाएगा।

जॉर्जीवा ने कहा कि मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के कारण आईएमएफ द्वारा इस वर्ष वैश्विक आर्थिक विकास में 3.1% की मंदी और 4.4% मुद्रास्फीति दर के पहले के पूर्वानुमान अब तर्कसंगत नहीं रह गए हैं।

उन्होंने चेतावनी दी कि हालांकि दीर्घकालिक मुद्रास्फीति की उम्मीदें स्थिर बनी हुई हैं और वित्तीय स्थितियां सख्त नहीं हुई हैं, लेकिन संघर्ष जारी रहने पर इनमें बदलाव आ सकता है।

जॉर्जीवा ने कहा कि यदि संघर्ष 2027 तक जारी रहता है और तेल की कीमतें लगभग 125 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच जाती हैं, तो और भी बुरे परिणाम अपेक्षित हैं। मुद्रास्फीति बढ़ेगी और मुद्रास्फीति की उम्मीदें अनिवार्य रूप से अनियंत्रित हो जाएंगी।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

--आईएएनएस

एबीएम/

Related posts

Loading...

More from author

Loading...